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Haryana Roadways Strike: तीन दौर की बैठक के बाद हड़ताल खत्म, सरकार और यूनियन में बनी सहमति
Wed, 15 Nov 2023 07:37 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 15 Nov 2023 07:37 PM IST
सार
परिवहन मंत्री मूलचंद के साथ बैठक चल रही है। रोडवेज को सवा 3 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो चुका है।
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परिवहन मंत्री के साथ बैठक करते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के अंबाला में रोडवेज चालक की हत्या के विरोध में एक दिन की हड़ताल खत्म हो गई है। हड़ताल करने वाली रोडवेज यूनियन अपनी मांगों पर सहमति बनने के बाद उठ गईं हैं। देर शाम तक रोडवेज यूनियन पदाधिकारियों की परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के साथ तीन दौर की बैठकें की, जिसके बाद सहमति बन गई है।
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रोडवेज यूनियन मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रही हैं, जबकि सरकार 15 लाख देने की बात कर रही थी। अब तीसरे दौर की बैठक में सहमति बन गई है। रोडवेज कर्मचारियों की मांग पूरी होने पर हड़ताल खत्म हो गई है। बताया जा रहा है कि 15 लाख रुपये व चालक के बच्चों को सी क्लास की नौकरी देने का सरकार की तरफ से आश्वासन मिला है। गुरुवार से सभी रूट पर नियमित रूप से बस चलेंगी। बैठक के बाद मांगें नहीं मानी जाती तो रोडवेज यूनियन एक और दिन की हड़ताल का ऐलान कर सकती थीं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर एक दिन की हड़ताल की घोषणा की गई थी।
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रोडवेज को सवा 3 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान
एक दिन की हड़ताल से रोडवेज को 3.25 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। इस समय रोडवेज के बेड़े में 3800 बसें हैं, इनमें से 3400 बसें चलती हैं। ये बसें रोजाना 8.62 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं और औसतन रोजाना 5 लाख यात्री बसों में सफर करते हैं। गौर हो कि रोडवेज पहले से ही एक हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है, अगर हड़ताल और लंबी चलती तो घाटा और बढ़ सकता था।
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