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हरियाणा रोडवेज की हड़ताल 4 दिन और बढ़ी, साढ़े तीन लाख कर्मचारी समर्थन में उतरे

Fri, 26 Oct 2018 09:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 26 Oct 2018 09:10 AM IST
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Haryana roadways strike extended till October 29
रोडवेज का चक्का जाम - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा रोडवेज की हड़ताल लंबी होती जा रही है। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के साथ भी वार्ता विफल रहने पर रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने चक्का जाम की अवधि 29 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। कमेटी ने बैठक कर यह निर्णय लिया। गुरुवार को हड़ताल के दसवें दिन भी कर्मचारी अपनी मुख्य मांग किलोमीटर स्कीम को रद्द करने पर अड़े रहे। शुक्रवार को प्रदेश के सरकारी विभागों के लगभग साढ़े तीन लाख कच्चे और पक्के कर्मचारी रोडवेज हड़ताल के समर्थन में सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। 

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20 हजार आशा वर्कर्स ने भी सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है। सीटू से संबंधित आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की महासचिव सुरेखा ने इसकी पुष्टि की है।  प्रदेश सरकार ने भी हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कर्मचारियों के हड़ताल खत्म न करने से जहां सरकार को रोजाना राजस्व में आठ से नौ करोड़ के बीच चपत लग रही है, वहीं जनता भी परेशान है।

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सरकार अब कड़े रुख में

Haryana roadways strike extended till October 29
haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो

एस्मा लागू होने के कारण सरकार अब कड़े रुख में आ गई है। एसीएस परिवहन धनपत सिंह ने बताया कि एस्मा के तहत कर्मचारियों पर 1222 मामले दर्ज किए गए हैं। 275 कुल गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें से 245 कर्मचारी जमानत पर रिहा हुए हैं। शांति भंग करने के मामले में 401 की गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें से 206 कर्मचारी जमानत पर रिहा किए जा चुके हैं। अभी तक 193 कर्मचारी सस्पेंड हुए हैं और प्रोबेशन चालकों-परिचालकों की सेवाएं हड़ताल में शामिल होने पर बर्खास्त की जा रही हैं। 

प्रोबेशन वाले 81 चालक और 103 परिचालक सस्पेंड किए गए हैं। गुरुवार को प्रोबेशन पर कार्यरत 23 और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। उधर, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फोगाट व महासचिव सुभाष लांबा, हरियाणा कर्मचारी संयुक्त संघ के महासचिव शिव कुमार पराशर, शिक्षक तालमेल कमेटी हरियाणा के नेता दयानंद दलाल, तरुण सुहाग व गुरदेव सिंह ने कहा कि शुक्रवार को कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसकी जानकारी लगभग सभी कर्मचारियों ने अपने विभागाध्यक्षों को दे दी है। सरकार जल्द किलोमीटर स्कीम रद्द करे। अन्यथा कर्मचारियों को बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर होना पडे़गा। जिससे सरकार का कामकाज ठप हो सकता है।

विभिन्न रूटों पर चली 3385 बसें

Haryana roadways strike extended till October 29
haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो

एसीएस धनपत सिंह ने बताया कि गुरुवार को विभिन्न रूटों पर 3385 बसें चली हैं। इनमें रोडवेज की 2226 बसें शामिल हैं। बाकी बसें सहकारी समितियों और निजी स्कूलों व कंपनियों की सेवाएं दे रही हैं। अनुबंध पर चालकों-परिचालकों की भर्ती जारी है। जल्दी ही परिवहन सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।

मांग जायज, जारी रहेगा आंदोलन
रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, इंद्र बधाणा, विरेंद्र धनखड़, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, सरबत पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल, नसीब जाखड़, रामकुमार वर्मा व सुल्तान सिंह ने कहा कि हड़ताल की समीक्षा कर चक्का जाम चार दिन और बढ़ाने का फैसला किया गया है। उनकी मांग जायज है। सरकार अड़ियल रवैया छोड़कर किलोमीटर स्कीम रद्द करे। जनता को बसों की सुविधा न मिलने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह कर्मचारी भी नहीं चाहते। गेंद सरकार के पाले में है।

किलोमीटर स्कीम हित में : मनोहर लाल
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी ऐसे मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। किलोमीटर स्कीम कर्मचारियों के हित में है, इसमें अहित कोई नहीं। चार साल में रोडवेज बेड़े में 600 बसें शामिल की गई हैं और 368 बसें और ला रहे हैं। कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें। 

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