हरियाणा रोडवेज कर्मियों और अफसरों के बीच बैठक आज, बात न बनने पर फिर हो सकती हड़ताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा रोडवेज का एक बार फिर चक्का जाम हो सकता है। किलोमीटर स्कीम रद्द न होने पर कर्मचारी तालमेल कमेटी ने इसके संकेत दिए हैं। सोमवार को परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ होने वाली वार्ता से पहले रोडवेज यूनियनों ने तीखे तेवर दिखाए हैं। कर्मचारियों की वर्षों से लंबित पड़ी मांगों को पूरा कराने के अलावा किलोमीटर स्कीम ही मुख्य एजेंडा होगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन धनपत सिंह के साथ सोमवार दोपहर होने वाली बैठक से ठीक पहले 190 और बसें हायर करने के टेंडर ने आग में घी डालने का काम किया है। इसे लेकर बैठक में हंगामा होने के आसार हैं। इससे पहले हुई बैठकों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच किलोमीटर स्कीम रद्द करने को लेकर कहासुनी हो चुकी है।
सोमवार की बैठक में रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी पूरी तैयारी के साथ जाएगी। वहीं, परिवहन विभाग के अफसर भी किलोमीटर स्कीम पर हर हाल में कायम रहने का निर्णय ले चुके हैं। स्कीम रद्द कराने को लेकर ही 16 अक्तूबर से 2 नवंबर तक रोडवेज कर्मचारी 18 दिन की हड़ताल कर चुके हैं। अब तालमेल कमेटी ने बैठक से पहले एक बार फिर चेताया है कि अगर किलोमीटर स्कीम रद्द नहीं की गई तो 14 नवंबर के बाद दोबारा हड़ताल हो सकती है।
2 नवंबर को कमेटी ने हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए हड़ताल खत्म की थी। 14 नवंबर को हाईकोर्ट में फिर मामले की सुनवाई है। इसमें परिवहन विभाग की ओर से अगर स्कीम रद्द करने का हलफनामा न दिया गया तो कमेटी सदस्य अपने निर्णय से हाईकोर्ट को अवगत करा देंगे।
विभाग कर रहा हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना
तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान, बाबूलाल यादव, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल, सुल्तान सिंह व नसीब जाखड़ ने कहा कि 190 स्टैंडर्ड नॉन एसी बसों को किलोमीटर स्कीम पर हायर करने का टेंडर जारी कर परिवहन विभाग ने उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना की है।
रोडवेज कर्मचारी किसी सूरत में किलोमीटर स्कीम को बर्दाश्त नहीं करेंगे। 14 नवंबर को दोनों पक्षों को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को वेतन जारी न कर भी हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना की है। 12 नवंबर को बातचीत में किलोमीटर स्कीम को रद्द नहीं किया गया तो कर्मचारी एक बार फिर बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।