हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा-जजपा विधायकों को वोटिंग का प्रशिक्षण, पंवार की जीत पक्की, कार्तिकेय ने कांग्रेस को उलझाया
भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार को जीत के लिए 31 ही वोट चाहिए। उनका दो सीटों की सूची में पहला नंबर है। कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार को जीतने के लिए 30 वोट चाहिए होंगे। कांग्रेस के 31 विधायक हैं, अगर भीतरघात नहीं हुआ तो अजय माकन आसानी से जीत सकते हैं। कांग्रेस विधायक टूटे तो कार्तिकेय की लॉटरी लगेगी। भाजपा ने कार्तिकेय को जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
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हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान का दिन नजदीक आते ही भाजपा और कांग्रेस ने पूरी तरह से चुनावी बिसात बिछा दी है। विधायक इस बिसात पर मोहरे की भूमिका में हैं। कांग्रेस रायपुर में अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की हुई है, तो बुधवार को भाजपा-जजपा और निर्दलीय विधायकों को मोहाली के न्यू चंडीगढ़ स्थित सुखविलास रिजॉर्ट में पहुंचा दिया गया। यहां उन्हें चुनाव के दौरान वोट डालने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बुधवार शाम पांच बजे इसकी शुरुआत हो गई। चुनाव पर्यवेक्षक गजेंद्र शेखावत, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता समेत मंत्रिमंडल सदस्य और अधिकतर विधायक मौजूद रहे। गजेंद्र, तावड़े और मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को यह समझाया कि किसी कीमत पर एक भी वोट रद्द नहीं होना चाहिए। वोट पर निशान सही तरीके से लगाएं। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से समझ लें। एक-एक वोट बहुमूल्य है। वोट डालने की रिहर्सल गुरुवार को कराई जाएगी। इसके साथ ही यह भी तय होगा कि कौन से नौ भाजपा विधायक निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को वोट डालेंगे।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा रायपुर से लौटने के बाद दिल्ली हैं और गुरुवार शाम चंडीगढ़ पहुंचेंगे। 28 कांग्रेस विधायक शुक्रवार सुबह रायपुर से सीधा हुड्डा के चंडीगढ़ आवास पर पहुंचकर नाश्ते में शामिल होंगे। उसके बाद यहीं से सभी विधायक विधानसभा के लिए रवाना होंगे।
कुंडू को मनाने पहुंचे देवेंद्र बबली
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा-जजपा गठबंधन एक-एक वोट को बेहद अहम मान रहा है। काफी समय से सरकार से नाराज चल रहे निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू को मनाने के प्रयास तेज हो गए हैं। बुधवार देर शाम पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली चंडीगढ़ में कुंडू को मनाने उनके आवास पर पहुंचे। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। कुंडू ने वोट देने को लेकर अभी तक अपना निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है। कुंडू ने कहा कि बबली शिष्टाचार के नाते मुलाकात करने आए थे। पुराना मित्र होने के नाते उनका स्वागत है। उनसे बातचीत के बाद भी वोट देने को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। जब निर्णय लूंगा, तो बता दूंगा।
वोट देने के लिए उलझे रावत और कुंडू
निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को वोट देने के लिए निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत और बलराज कुंडू आपस में उलझ गए। रावत ने बुधवार सुबह कहा कि कुंडू निर्दलीय कार्तिकेय को वोट देंगे। इस पर कुंडू गुस्सा हो गए और उन्होंने ट्वीट किया कि राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर नयनपाल की स्टेटमेंट पूरी तरह बकवास है। वह किसी की कठपुतली के कहने पर वोट नहीं देंगे। अपनी बुद्धि और विवेक से प्रदेश के लोगों की भावना के अनुरूप ही फैसला लूंगा। जवाब में रावत ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि बलराज ने हम पांच विधायकों को पंच परमेश्वर मानकर हमारे साथ वोट देने का वादा किया था। लगातार बातचीत के बीच बुधवार शाम 4 बजे बातचीत के लिए भी मुझे अपने फ्लैट पर बुलाया है। उनका ट्वीट न केवल घटिया मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि बलराज में बुद्धि-विवेक नाम की कोई चीज नहीं है।
दादा गौतम बोले, कार्तिकेय को दूंगा वोट
जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि वह कार्तिकेय को वोट देंगे। उनके पिता विनोद शर्मा ने प्रदेश के सभी वर्गों के लिए बहुत काम किए हैं। ब्राह्मण समाज को उसका हक दिलाने के लिए भी विनोद ने लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।