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हरियाणा के जेल मंत्री बोले- राम रहीम ने फिलहाल भविष्य के लिए नहीं मांगी पैरोल

Thu, 19 Nov 2020 02:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 19 Nov 2020 02:13 PM IST
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Haryana power minister said, Ram Rahim did not ask for parole for the future
रणजीत सिंह चौटाला (फाइल फोटो)

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने भविष्य के लिए फिलहाल पैरोल नहीं मांगी है। हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम रहीम को एक दिन के लिए पैरोल जेल अधीक्षक ने अपने स्तर पर दी थी। जेल में सजायाफ्ता किसी भी कैदी को सूरज निकलने से लेकर सूरज ढलने तक जेल अधीक्षक अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर पैरोल दे सकता है।

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गुरमीत राम रहीम की मां बीमार थीं, जिसके चलते पैरोल दी गई। फिलहाल भविष्य के लिए राम रहीम ने और पैरोल की अपील नहीं की है। हरियाणा सरकार ने छह हजार कैदियों की पैरोल कोरोना के मद्देनजर 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ा दी है। कुल 46 हजार कैदियों को पैरोल दी गई थी।
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करीब 14 सौ कैदियों ने अदालत से पैरोल ली है। उन्होंने बताया कि कोरोना को देखते हुए जेल प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। पुराने और जेल में आने वाले नए कैदियों की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है। जेलों को आधुनिक बनाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। हमने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की जेलों का निरीक्षण किया है। इन जेलों की तर्ज पर हरियाणा की जिलों को आधुनिक बनाया जाएगा। 
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सार्वजनिक उद्देश्य के काम आने वाली जमीन का रिकॉर्ड होगा तैयार: रणजीत
रणजीत सिंह ने विभिन्न विभागों को सार्वजनिक उद्देश्य के काम आने वाली उपलब्ध जमीन का रिकॉर्ड एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस रिकॉर्ड में नक्शे के साथ साथ तहसील व गांव आदि का भी उल्लेख होना चाहिए। बिजली मंत्री सार्वजनिक उद्देश्य के लिए सरकारी जमीन का एक विभाग से दूसरे विभाग को हस्तांतरित करने में आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए बनाई गई कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। 

बैठक में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्य मंत्री अनूप धानक भी उपस्थित रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त संजीव कौशल ने विभिन्न विभागों के मध्य जमीन को हस्तांतरित करने के लिए तय किए जाने वाले मानदंडों के बारे में चर्चा की और पहले से निर्धारित कुछ नियमों के बारे में भी जानकारी दी। 


उन्होंने पूछा कि सरकार के एक विभाग से दूसरे विभाग को, किसी विभाग से बोर्ड, निगम व जिला परिषद को जमीन हस्तांतरित किए जाने के लिए क्या नियम तय हों। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा एवं पुरातत्व मंत्री अनूप धानक ने कुछ जानकारी मांगी एवं अपने सुझाव भी दिए। पंचायती भूमि को सरकार द्वारा अधिग्रहीत करने पर क्या मुआवजा दिया जाए, इस पर भी चर्चा हुई। बैठक में राजस्व विभाग में विशेष सचिव अतुल कुमार के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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