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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Police Department Connected to Polnet Project of Indian Government

अपराधियों के लिए अब वारदात कर देश के किसी भी हिस्से में छिपना नहीं होगा आसान, जानिए क्यों

Sat, 30 Nov 2019 10:05 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 30 Nov 2019 10:05 AM IST
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Haryana Police Department Connected to Polnet Project of Indian Government
फाइल फोटो
अपराधियों के लिए अब वारदात को अंजाम देने के बाद देश के किसी भी हिस्से में जाकर छिप जाना आसान नहीं होगा। क्योंकि उन पर पुलिस का शिकंजा और सख्त होने जा रहा है। हरियाणा पुलिस विभाग केंद्र सरकार की पोलनेट योजना से जुड़ने जा रहा है। पुलिस आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट के तहत ये योजना लागू की जा रही है। पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय के भवन पर पोलनेट का टावर स्थापित होगा। इसे स्थापित करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है।
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बीते वीरवार को एजेंसी के तकनीकी कर्मियों ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पोलनेट सिस्टम स्थापित करने के लिए कांफ्रेंस रूम का सर्वे करने के साथ ही उच्च अधिकारियों से चर्चा भी की। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एजेंसी के कर्मियों के साथ अपने स्टाफ को पूरा सिस्टम समझने और उन्हें जरूरी जानकारी मुहैया कराने के लिए तैनात किया था। पोलनेट योजना पर केंद्र सरकार सौ करोड़ रुपये से अधिक राशि पूरे देश में खर्च कर रही है।
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विशेष सेटेलाइट के जरिए देश भर में पुलिस सूचनाओं का अदान-प्रदान करेगी। यह सेटेलाइट केवल पुलिस के लिए ही होगा। कुछ अपराधों की दृष्टि से हरियाणा की गिनती भी संवेदनशील राज्यों में होती है। नशा तस्करों ने इसे अपनी नई शरणस्थली बनाया हुआ है। गैंगस्टर यहां वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्यों में शरण ले लेते हैं। अन्य अपराधों में शामिल अपराधी भी अनेक बार जल्दी पुलिस की पकड़ में नहीं आते। इसलिए पोलनेट योजना को प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पुलिस को ये होगा पोलनेट से फायदा

. इस अत्याधुनिक तकनीक से जुड़ने पर पुलिस दूसरे किसी भी राज्य में होने वाले अपराध और हार्ड कोर अपराधी की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगी
. इंटरनेट के जरिए किसी भी थाने की पुलिस से बातचीत करना संभव होगा
. अपराधियों की फोटो समेत संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन होने से कोई भी अपराधी वारदात करने के बाद देश के किसी भी इलाके में जाने पर जल्दी पुलिस गिरफ्त में आ जाएगा
. सूचनाओं के अदान-प्रदान से आतंकवादी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी
. सभी राज्यों की पुलिस को यह जानकारी होगी कि किस राज्य में किस तरह के अपराध घटित हो रहे हैं
. पुलिस की गुप्त जानकारियां भी किसी बदमाश के हाथ नहीं लग पाएंगी
. अन्य राज्यों की पुलिस से अपराध पर लगाम लगाने के नए-नए तरीके जानने को मिलेंगे
. पुलिसकर्मी और अधिकारी दूसरे राज्य के पुलिस कर्मियों से ऑनलाइन बातचीत कर सकेंगे.
. प्रोजेक्ट के तहत इंटरनेट के उपयोग के लिए राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अतिरिक्त ट्रेनिंग दी जाएगी
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