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हरियाणा: किसानों के लिए अच्छी खबर, 12 साल बाद किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट दोगुना करने की योजना
Fri, 06 Aug 2021 02:41 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 06 Aug 2021 02:41 AM IST
सार
वर्ष 2009 से किसानों की कर्ज की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। वहीं, कई साल से सहकारी समितियों के नए मेंबर भी नहीं बनाए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य किसान संगठन इसको लेकर लगातार मांग करते रहे हैं।
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फाइल फोटो।
विस्तार
किसान आंदोलन के बीच हरियाणा सरकार किसानों के लिए बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। करीब 12 साल बाद किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट डेढ़ लाख रुपये से दो गुना बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने की योजना है। बंद चल रहे मेंबर क्रेडिट लिमिट (एमसीएल) को भी शुरू किया जाना है।
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प्रस्ताव की फाइल मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास है और इसको लेकर राय ली जा रही है। इस बार हरको बैंक के 82 करोड़ रुपये के मुनाफे में आने से सरकार जल्द किसानों को यह तोहफा दे सकती है।
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वर्ष 2009 से किसानों की कर्ज की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। वहीं, कई साल से सहकारी समितियों के नए मेंबर भी नहीं बनाए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य किसान संगठन इसको लेकर लगातार मांग करते रहे हैं।
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ऋण की राशि दो गुना करने और नए मेंबर बनाने को लेकर पूरा खाका तैयार कर लिया है। गौरतलब है कि हरको बैंक किसानों को कृषि के लिए 7 प्रतिशत ब्याज पर पैसा देता है। समय पर अपनी किस्त जमा करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत राज्य सरकार और 3 प्रतिशत केंद्र सरकार रिबेट देती है। ऐसे में यह किसान को जीरो प्रतिशत पर पड़ता है।
साढ़े ग्यारह हजार करोड़ का ऋण दिया
हरको बैंक ने प्रदेश में साढ़े ग्यारह हजार करोड़ रुपये का ऋण 11.50 लाख से अधिक किसानों को दे रखा है। इनमें से 8.17 लाख किसानों के खाते लगातार चल रहे हैं, जबकि 3.50 लाख किसान ऐसे हैं, जो एनपीए हो चुके हैं।
बैंक एक बार फिर वन टाइम सैटलमेंट योजना लाने की तैयारी कर रहा है, ताकि किसानों से रिकवरी हो सके। हरको बैंक की शुरुआत नवंबर 1966 में हुई थी। इसके प्रदेश में जिलास्तर पर 19 केंद्रीय सहकारी बैंक, 594 शाखाएं और 718 पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी) हैं।
लिमिट दो गुना करने की योजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इसके प्रति सकारात्मक हैं। दूसरा, रिकवरी पर जोर दिया जा रहा है, ताकि बैंक के पास पैसे की कमी न रहे। वन टाइम सैटलमेंट योजना भी लाई जाएगी। किसानों को चाहिए वे लोन लेकर वापस दें, ताकि अन्य जरूरतमंद किसानों को भी लाभ मिल सके। - अरविंद यादव, चेयरमैन, हरको बैंक।