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Chandigarh News: भेड़-बकरियों के फुट-रॉट रोग की रोकथाम के लिए हरियाणा हाई अलर्ट पर
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में पशुओं के फुट रॉट (खुर-सड़न) रोग से बचाव के लिए सरकार की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भेड़ और बकरियों में फैल रहे रोग को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा ने प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश में फुट रॉट रोग के किसी भी संभावित विस्तार (आउटब्रेक) को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार ने इसके लिए लागू रोग निवारक उपायों की रूपरेखा भी साझा की है।
विभाग के प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रदेश में अभी तक इस रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग प्रदेश के पशुधन को फुट-रॉट रोग से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है। विभाग ने प्रदेश में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में इस रोग के प्रति अधिक सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। उप निदेशकों को राज्य भर के सभी सरकारी पशु चिकित्सा अस्पतालों (जीवीएच) और सरकारी पशु चिकित्सा औषधालयों (जीवीडी) में पोटेशियम परमैंगनेट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पोविडोन आयोडीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पशुपालक विभाग के टोल फ्री नंबर 1962 पर भी सहायता प्राप्त सकते हैं।
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चंडीगढ़। प्रदेश में पशुओं के फुट रॉट (खुर-सड़न) रोग से बचाव के लिए सरकार की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भेड़ और बकरियों में फैल रहे रोग को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा ने प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश में फुट रॉट रोग के किसी भी संभावित विस्तार (आउटब्रेक) को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार ने इसके लिए लागू रोग निवारक उपायों की रूपरेखा भी साझा की है।
विभाग के प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रदेश में अभी तक इस रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग प्रदेश के पशुधन को फुट-रॉट रोग से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है। विभाग ने प्रदेश में विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में इस रोग के प्रति अधिक सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। उप निदेशकों को राज्य भर के सभी सरकारी पशु चिकित्सा अस्पतालों (जीवीएच) और सरकारी पशु चिकित्सा औषधालयों (जीवीडी) में पोटेशियम परमैंगनेट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और पोविडोन आयोडीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। पशुपालक विभाग के टोल फ्री नंबर 1962 पर भी सहायता प्राप्त सकते हैं।
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