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फर्जी दाखिलों पर हरियाणा के पास जवाब नहीं, शिक्षा विभाग के निदेशक तलब

Fri, 11 Nov 2016 08:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Nov 2016 08:54 PM IST
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Haryana not respond to bogus admissions, education department director summoned
एडमिशन - फोटो : Demo Pic

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में दो सत्रों में छात्रों की संख्या में 4 लाख के अंतर पर जवाब न दे पाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक आरएस खरब को तलब किया है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप शुक्रवार को हरियाणा सरकार के जवाब न देने पर फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किए हैं।

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 3581 सरप्लस अतिथि अध्यापकों और हरियाणा सरकार की अपील पर सुनवाई आरंभ की थी। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अतिथि अध्यापकों व सरकार की अर्जी को खारिज करते हुए सरप्लस शिक्षकों को हटाने के सिंगल बेंच के आदेशों को बरकरार रखा था। 
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इस दौरान हाईकोर्ट में जो आंकड़े सौंपे गए थे, उनके अनुसार दो सत्रों में सरकारी स्कूलों से 4 लाख छात्र कम हो गए थे। आंकड़ों में बताया गया था कि वर्ष 2014-15 में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 22 लाख छात्र थे, जबकि 2015-16 में इनकी संख्या 18 लाख रह गई। 

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अतिथि अध्यापकों को बचाने के लिए फर्जी प्रवेश दिखाने का था आरोप

Haryana not respond to bogus admissions, education department director summoned
court

इन आंकड़ों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि वह जांच कमेटी बनाए और जांच के परिणाम के बारे में हाईकोर्ट को सूचित करे। हाईकोर्ट ने पूछा था कि ये फर्जी दाखिले फंड हड़पने के लिए थे या सरप्लस अतिथि अध्यापकों को बचाने केलिए, अधिकारी इस बात की पूरी जांच करें। 

शुक्रवार को जब केस सुनवाई के लिए आया तो सरकारी वकील कोर्ट में रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक आरएस खरब को तलब कर फटकार लगाई। खरब ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने जांच पूरी करवा ली है और जांच एक सेवानिवृत्त सेशन जज आरएस बसीन से करवाई है। 

अगली सुनवाई पर कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। इस जवाब पर बेंच ने कहा कि आदेश वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जांच करवाने के थे तो क्यों सेशन जज को जांच का जिम्मा सौंपा गया। क्यों विभाग अपनी मर्जी से जांच करवा रहा है। बेंच ने मामले की सुनवाई 18 नवंबर तक स्थगित करते हुए मामले की स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।

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