हरियाणाः पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभियन्यु की कोठी जलाने के 54 आरोपियों को सामाजिक माफी
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में रोहतक स्थित पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर जलाने के 54 आरोपियों को माफ कर दिया है। जाट धर्मशाला में गुरुवार को हुई सर्वजातीय खाप महापंचायत में आरोपियों को सामाजिक रूप से माफी दी गई। महापंचायत में 109 खापों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि पहुंचे थे।
वहीं सिंधु परिवार की ओर से कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सिंधु ने भाग लिया और कहा कि पंचायत ने जो फैसला लिया है वह उन्हें मान्य होगा। महापंचायत में फैसला लिया गया कि इस मामले में कानूनी पहलुओं पर कार्रवाई के लिए खाप पंचायतों की एक समिति दोनों पक्षों के वकीलों से मिलेगी।
वहीं चार साल पहले हुई इस हिंसा के लिए खाप पंचायतों ने खुद को भी दोषी माना और 11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह जुर्माने की राशि गोशाला में दान दी जाएगी। हालांकि इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का पक्ष लेने का कई बार प्रयास किया गया। संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका अपना पक्ष नहीं मिल पाया।
कोर्ट के फैसले से कोई ताल्लुक नहीं: पंचायत
सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास ने महापंचायत की अध्यक्षता की। पंचायत में विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने पहले अपनी-अपनी बात रखी। सभी ने एकमत से कहा कि जिन लोगों ने गलती की है उसे किसी भी प्रकार से सही नहीं ठहराया जा सकता। मामला अब सामाजिक भाईचारे में आया है तो दोनों पक्षों को इसका समाधान करना चाहिए।
पंचायत से एक कमेटी गठित की, जिसने करीब एक घंटे तक अलग से बैठक कर फैसला तैयार किया। फैसले को दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने खाप पंचायत के समक्ष रखा। साथ ही कहा गया कि भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या साक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे। अदालत की किसी कार्रवाई से पंचायत का कोई ताल्लुक नहीं है।
पंचायत में रखे गए फैसले
- फरवरी 2016 में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित निवास में आगजनी और तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण थी। पंचायत इस पर खेद व्यक्त करती है।
- चौधरी मित्रसेन के परिवार को जिस प्रकार चारों ओर से घेर कर जलाया गया, घर में मौजूद 10 सदस्यों को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, पंचायत उसकी घोर निंदा करती है। पंचायत इस हिंसा में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हर व्यक्ति या संगठन की भर्त्सना करती है।
- पंचायत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि यह कैप्टन अभिमन्यु या उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के विरुद्ध साजिश थी। इस साजिश में जो भी लोग सम्मलित रहे हैं यहां तक की शासन-प्रशासन से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हैं तो उन सभी की पंचायत निंदा करती है। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद जिस भी व्यक्ति या संगठन ने मिथ्या, अनर्गल या मनगढ़ंत आरोप लगाकर सिंधु परिवार को बदनाम करने का और समाज के भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की यह पंचायत उसकी भी निंदा करती है।
- पंचायत सिंधु परिवार का आभार व्यक्त करती है कि इस अत्यंत कठिन समय में भी परिवार ने संयम नहीं खोया और परिजनों पर जानलेवा हमले के बाद भी बदले की भावना के तहत किसी तरह की प्रतिहिंसा नहीं की।
- पंचायत ने प्रस्ताव पास किया कि सिंधु परिवार के रोहतक के सेक्टर 14 स्थित निवास पर आगजनी और लूटपाट में करोड़ों रुपये की हानि के बावजूद नुकसान की भरपाई के लिए मिले सरकारी मुआवजे की पूरी राशि जरूरतमंद कन्याओं की शादी में खर्च की।
- भविष्य में इस विषय पर झूठी, अनर्गल या अनावश्यक बयानबाजी की तो पंचायत उसे अवमानना मानकर सामाजिक दंड देने का काम करेगी।
- सिंधु परिवार पर किए हमले से जुड़े मामलों में चल रही सीबीआई जांच में आरोपी बनाए गए लोगों ने माफीनामा पंचायत को सौंपा है।
- भविष्य में सीबीआई जांच में नए विषय या साक्ष्य आने के मुद्दे इस पंचायत के फैसले के दायरे से बाहर रहेंगे। अदालत की किसी कार्रवाई से पंचायत का कोई ताल्लुक नहीं है। पूरा समाज सिंधु परिवार के साथ है।
मकड़ौली सरपंच के बयान पर विवाद
पंचायत के दौरान गांव मकड़ौली के सरपंच ने मंच से कहा कि कुछ लोगों ने भाईचारा बिगाड़ा है। कैप्टन अभिमन्यु को खलनायक के रूप में पेश किया। यूपी से आकर लोगों को भड़काया। इतना कहते ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कई सदस्यों ने विरोध कर दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पंचायत में पहुंचे लोगों ने इसे शांत कराया।
कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सेन ने पंचायत पर छोड़ा मामला
वहीं पंचायत में सिंधु परिवार को ओर से कैप्टन अभिमन्यु के भाई वीर सेन मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि खापों ने हिंसा रोकने में नाकामी पर खुद पर जो जुर्माना लगाया है वह वापस होना चाहिए लेकिन खापों ने इसे मानने से मना कर दिया। इस पर वीर सेन ने कहा कि पंचायत ने जो फैसला किया है उन्हें वह मान्य है।