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सेवानिवृत्त कर्मचारी सावधान! पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, निशाना बना रहा ये गिरोह
Wed, 05 Aug 2020 09:04 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 05 Aug 2020 09:04 PM IST
सार
- उनके बैंक खातों की डिटेल लेकर कर रहे ऑनलाइन ठगी
- हरियाणा पुलिस ने सेवानिवृत्त लोगों के लिए जारी की एडवाइजरी
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को ठगने के लिए इन दिनों एक गिरोह पूरी तरह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को झांसे में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस तरह के कुछ मामले सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
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हरियाणा पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर हाल ही में सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों को एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें मोबाइल फोन पर आने वाली कॉल से सतर्क रहने को कहा है। इसके अलावा, बैंक से संबंधित निजी जानकारी भी किसी अनजान व्यक्ति को न बताने का अनुरोध किया है, क्योंकि ऐसा करने से वे सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ के बहाने साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।
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यह ठगी का नया प्रचलन
एडीजीपी, लॉ एंड ऑर्डर नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि साइबर अपराध का एक नया चलन सामने आया है। ऐसे जालसाज लॉकडाउन प्रतिबंधों का फायदा उठाते हुए सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को टारगेट कर रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पेंशनरी लाभ के बहाने उन्हें ठगने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे जालसाजों का मानना है कि तकनीकी जानकारी न होने के कारण रिटायर सरकारी कर्मियों को आसानी से ठगा जा सकता है।
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एडीजीपी ने कहा कि साइबर जालसाज सबसे पहले सेवानिवृत्त कर्मियों के बारे में कुछ बुनियादी व्यक्तिगत जानकारी जुटाते हैं। फिर सरकारी खजाना विभाग के नाम से अपने टारगेट को फोन करते हैं। इसके बाद, वे फोन पर जन्मतिथि, सेवानिवृत्ति की तिथि और अधिकारी की अंतिम पोस्टिंग आदि का सही उल्लेख कर उसका विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं।
संबंधित व्यक्ति को विश्वास में लेने के बाद, ऐसे जालसाज पेंशन से संबंधित डेटा अपडेट करने के लिए बैंक खाता नंबर, पासवर्ड और लेनदेन का विवरण जैसी व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करके साइबर ठगी का प्रयास करते हैं। विर्क ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य नागरिक भी अपनी गोपनीय जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, पासवर्ड, ओटीपी और लेनदेन का विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति या कॉलर से साझा न करें।