त्योहारों की भीड़ के बीच होगी चुनावी महाभारत
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हरियाणा विधानसभा का चुनावी ‘महाभारत’ त्योहारों की भीड़ के बीच लड़ा जाएगा। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 27 अक्टूबर को समाप्त होने रहा है, इसीलिए हर हालत में इससे पहले नई विधानसभा का गठन होना है।
इसी दौरान नवरात्र से लेकर दशहरा, दीपावली, बकरीद, करवा चौथ, छठ जैसे त्योहार व पर्व आ रहे है। इसीलिए माना जा रहा है कि चुनाव आयोग के लिए हरियाणा के लिए मतदान की तिथि तय करना एक बड़ी चुनौती होगी।
किस तारीख को कौन सा त्योहार
इस बार तीन अक्टूबर को दशहरा और 23 अक्टूबर को दीपावली है। इनसे पहले 10 सितंबर से पितृपक्ष और फिर 25 सितंबर से नवरात्र हैं। दशहरा के बाद छह अक्टूबर को बकरीद, 11 को करवा चौथ, 21 को धनतेरस के बाद 23 को दीपावली है।
इसके बाद 25 को भैयादूज व 29 अक्टूबर को छठ पूजा है। आचार्य डा. गोविंद बल्लभ जोशी कहते हैं कि चुनाव आयोग को ऐसी तिथि तय करनी चाहिए जिससे लोगों को अपने त्योहारों, पर्वों को मनाने व परंपराओं को निभाने में बाधा न आए।
5 साल पहले आई थीं ऐसी ही तिथियां
वैसे तो पांच साल पहले भी त्योहारों की तिथियां इसी तरह आई थीं, व तब चुनाव आयोग ने दशहरा व दीपावली के बीच ही 13 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में एक ही मतदान कराया।
इसीलिए इस बार भी अनुमान लगाया जा रहा है कि मतदान की तिथि इन दोनों त्यौहारों के बीच तय होगी। हालांकि एक सुझाव यह भी है आ रहा है कि नवरात्र से पहले ही मतदान करा लिया जाए ताकि त्योहार व पर्व के दौरान लोग चुनावी शोरशराबे से बचे रहें।
जम्मू और झारखंड में भी होने हैं चुनाव
हरियाणा के बाद दिसंबर में महाराष्ट्र व अगले साल जनवरी में जम्मू-कश्मीर व झारखंड विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पहले माना जा रहा था कि चुनाव आयोग सन सभी राज्यों के चुनाव एक साथ भी करा सकता है, लेकिन हाल में झारखंड जैसे राज्य समय से पहले चुनाव कराने के खिलाफ है। इसीलिए फिलहाल हरियाणा के चुनाव ही पर्वों के बीच दिख रहे हैं।