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देखिए एक मामूली सी गलती से कैसे खुला करोड़ों के पेपर लीक घोटाले का राज?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Sep 2017 04:54 PM IST
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Paper Leak
- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचसीएस ज्यूडीशियल की प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक होने की बात हाईकोर्ट द्वारा प्रशासनिक स्तर पर मान लिए जाने और पेपर रद्द करने की सिफारिश के बाद पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी है।
पंचकूला के पिंजौर निवासी एडवोकेट सुमन की शिकायत ने पेपर लीक कर इसे डेढ़ करोड़ में बेचने का भंडाफोड़ किया था। पेपर लीक होने की जानकारी के बावजूद परीक्षा की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच एक छोटी सी गलती ने अधिकारियों के सिर पर तलवार लटका दी है। अभी तक इस मामले में केवल रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट और दो टॉपर सुशीला और सुनीता पर ही एफआईआर की सिफारिश की गई है। लेकिन मोबाइल कंपनियों की कॉल डिटेल में अभी और नाम सामने आ सकते हैं।
आडियो क्लिप ने खोला राज
परीक्षा की तैयारी के लिए याची ने कोचिंग सेंटर ज्वाइन किया तो वहां पढ़ रही सुशीला से उसकी दोस्ती हो गई। एक दिन सुमन का लेक्चर मिस हो गया और उसने सुशीला से लेक्चर से जुड़ी ऑडियो क्लिप मांगी। सुशीला ने लेक्चर की क्लिप भेजने के स्थान पर गलती से अपनी एक दोस्त से बातचीत की रिकार्डिंग भेज दी। इसमें वह सुनीता नाम की लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी...
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पंचकूला के पिंजौर निवासी एडवोकेट सुमन की शिकायत ने पेपर लीक कर इसे डेढ़ करोड़ में बेचने का भंडाफोड़ किया था। पेपर लीक होने की जानकारी के बावजूद परीक्षा की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच एक छोटी सी गलती ने अधिकारियों के सिर पर तलवार लटका दी है। अभी तक इस मामले में केवल रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट और दो टॉपर सुशीला और सुनीता पर ही एफआईआर की सिफारिश की गई है। लेकिन मोबाइल कंपनियों की कॉल डिटेल में अभी और नाम सामने आ सकते हैं।
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आडियो क्लिप ने खोला राज
परीक्षा की तैयारी के लिए याची ने कोचिंग सेंटर ज्वाइन किया तो वहां पढ़ रही सुशीला से उसकी दोस्ती हो गई। एक दिन सुमन का लेक्चर मिस हो गया और उसने सुशीला से लेक्चर से जुड़ी ऑडियो क्लिप मांगी। सुशीला ने लेक्चर की क्लिप भेजने के स्थान पर गलती से अपनी एक दोस्त से बातचीत की रिकार्डिंग भेज दी। इसमें वह सुनीता नाम की लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी...
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पुलिस ने नहीं दिखाई रुचि
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
...याची ने इसके बारे में सुशीला से पूछा तो उसने तुरंत वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दिया। जब याची ने उससे जोर देकर पूछा तो उसने पेपर मिलने की बात कही और इसकी डेढ़ करोड़ कीमत बताई। याची ने सच्चाई जानने के लिए पेपर लेने में रुचि दिखाई। इस दौरान सुशीला ने याची को 6 सवाल बताए जो परीक्षा में आने थे। 16 जुलाई को सुशीला जब परीक्षा में बैठी तो क्रम संख्या 9, 17, 18, 27 व 111 पर वही प्रश्न आए थे। इसके बारे में याची ने अपने पति को बताया और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को व हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी।
पुलिस ने नहीं दिखाई रुचि
सुमन ने पुलिस को शिकायत दी फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि जांच जिस अधिकारी को सौंपी गई थी, वह आरोपियों का रिश्तेदार था। हालांकि बाद में जांच अधिकारी बदल गया। इस मामले को अति गंभीर बताते हुए याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसकी जांच करवाने की अपील की। साथ ही एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी करने की भी अपील की।
हाईकोर्ट ने शुरू की सुनवाई :
16 अगस्त को हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जब इतने गंभीर आरोप देखे तो रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को बुलाया। रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल ने बताया कि इस मामले में उन्हें भी कुछ शिकायतें मिली हैं और वे इसकी जांच कर रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी तथा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को प्रशासनिक स्तर पर नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
पुलिस ने नहीं दिखाई रुचि
सुमन ने पुलिस को शिकायत दी फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि जांच जिस अधिकारी को सौंपी गई थी, वह आरोपियों का रिश्तेदार था। हालांकि बाद में जांच अधिकारी बदल गया। इस मामले को अति गंभीर बताते हुए याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसकी जांच करवाने की अपील की। साथ ही एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी करने की भी अपील की।
हाईकोर्ट ने शुरू की सुनवाई :
16 अगस्त को हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जब इतने गंभीर आरोप देखे तो रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को बुलाया। रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल ने बताया कि इस मामले में उन्हें भी कुछ शिकायतें मिली हैं और वे इसकी जांच कर रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी तथा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को प्रशासनिक स्तर पर नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
दोनो आरोपी निकली टॉपर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
दोनो आरोपी निकली टॉपर
28 अगस्त को जब हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए रजिस्ट्रार विजिलेंस को आदेश दिए तो उनकी रिपोर्ट सामने आने पर बड़ा खुलासा हुआ। रजिस्ट्रार विजिलेंस की रिपोर्ट में बताया गया कि सुशीला और सुनीता ने सामान्य और आरक्षित वर्ग में टॉप किया है। यह बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की जांच बड़े स्तर पर करवाने की जरूरत है क्योंकि इसमें बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
कमेटी ने माना हुआ था पेपर लीक
जांच कमेटी ने मान लिया कि पेपर लीक हुआ था और इसके साथ ही रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ बलविंदर शर्मा और सुनीता के बीच का कनेक्शन भी जांच कमेटी ने खोलते हुए बताया कि दोनों के बीच पिछले एक साल में 760 बार फोन पर बात व एसएमएस हुए। कमेटी ने सामान्य वर्ग की टॉपर सुनीता आरक्षित वर्ग की टॉपर सुशीला व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश भी की।
फुल बेंच को रेफर कर दिया गया केस
30 अगस्त को इस मामले में आरोपियों के टॉपर होने की बात सामने आने के बाद सिंगल बेंच ने इस केस को फुल बेंच को रेफर करने का फैसला लिया। इसके लिए चीफ जस्टिस को उन्होंने यह केस भेज दिया। चीफ जस्टिस ने केस की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जीएस संधावालिया की फुल बेंच गठित कर दी।
28 अगस्त को जब हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए रजिस्ट्रार विजिलेंस को आदेश दिए तो उनकी रिपोर्ट सामने आने पर बड़ा खुलासा हुआ। रजिस्ट्रार विजिलेंस की रिपोर्ट में बताया गया कि सुशीला और सुनीता ने सामान्य और आरक्षित वर्ग में टॉप किया है। यह बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की जांच बड़े स्तर पर करवाने की जरूरत है क्योंकि इसमें बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
कमेटी ने माना हुआ था पेपर लीक
जांच कमेटी ने मान लिया कि पेपर लीक हुआ था और इसके साथ ही रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ बलविंदर शर्मा और सुनीता के बीच का कनेक्शन भी जांच कमेटी ने खोलते हुए बताया कि दोनों के बीच पिछले एक साल में 760 बार फोन पर बात व एसएमएस हुए। कमेटी ने सामान्य वर्ग की टॉपर सुनीता आरक्षित वर्ग की टॉपर सुशीला व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश भी की।
फुल बेंच को रेफर कर दिया गया केस
30 अगस्त को इस मामले में आरोपियों के टॉपर होने की बात सामने आने के बाद सिंगल बेंच ने इस केस को फुल बेंच को रेफर करने का फैसला लिया। इसके लिए चीफ जस्टिस को उन्होंने यह केस भेज दिया। चीफ जस्टिस ने केस की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जीएस संधावालिया की फुल बेंच गठित कर दी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
supreme court
- फोटो : File Photo
फुल बेंच के सामने आई रिपोर्ट, बयानों से हुआ खुलासा
6 सितंबर को जांच कमेटी ने बताया कि दोनों आरोपी अपनी-अपनी श्रेणी में टॉपर हैं और ऐसा अंदेशा जताया गया कि इनके पास पहले से ही पेपर मौजूद था। इस मामले में सभी के बयान लेकर जांच पूरी करने के आदेश दिए गए थे। और अगली सुनवाई पर जांच को आगे बढ़ाने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
याचिकाकर्ता ने इस केस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से किसी अन्य हाईकोर्ट में भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर बहस के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका को वापिस ले लिया था जिसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ही इस मामले में सुनवाई कर रहा है।
6 सितंबर को जांच कमेटी ने बताया कि दोनों आरोपी अपनी-अपनी श्रेणी में टॉपर हैं और ऐसा अंदेशा जताया गया कि इनके पास पहले से ही पेपर मौजूद था। इस मामले में सभी के बयान लेकर जांच पूरी करने के आदेश दिए गए थे। और अगली सुनवाई पर जांच को आगे बढ़ाने को कहा था।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
याचिकाकर्ता ने इस केस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से किसी अन्य हाईकोर्ट में भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर बहस के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका को वापिस ले लिया था जिसके बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ही इस मामले में सुनवाई कर रहा है।