{"_id":"56e912024f1c1b565b8b4580","slug":"haryana-jat-protest-haryana-voilence-captain-abhimanyu-haryana-news-rohtak-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वित्तमंत्री की कोठी में हुई आगजनी के केस में बड़ा खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वित्तमंत्री की कोठी में हुई आगजनी के केस में बड़ा खुलासा
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 16 Mar 2016 04:10 PM IST
विज्ञापन
जाट आरक्षण
- फोटो : भव्य नरेश
जाट आरक्षण आंदोलन के बाद हुए उपद्रव और आगजनी के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। वित्तमंत्री की कोठी को जलाने की साजिश पहले ही रच दी गई थी। ऐसे में कोठी को जलाने के लिए दुबई के बर्निंग कोल और चीन के केमिकल का इस्तेमाल किया गया। केमिकल से भरी बोतलों को बाकायदा एक गाड़ी में लाया गया था। इसके बाद आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया।
वित्तमंत्री के परिजनों ने इसकी फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को एसआईटी को सौंपा है। अब एसआईटी इसकी जांच में जुट गई है साथ ही एसएफएल टीम ने भी नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया है। अब इस खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। वहीं जांच के बाद और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। शहर में हुए उपद्रव के दौरान कई जगह दुबई के बर्निंग कोल और चीन के केमिकल से आग लगाए जाने की बात पहले भी सामने आई थी।
अब वित्तमंत्री के परिजनों के द्वारा एसआईटी को सौंपे गए सबूत से इस मामले को बाकायदा एक साजिश समझा जा रहा है। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खुद ही इस बात का खुलासा किया था कि उपद्रव के दौरान हुई आगजनी में कई जगहों पर दुबई के बर्निंग कोल और चीन के केमिकल का इस्तेमाल किया गया है। उनके पैकेट भी यहां मिलने पर सीएम मनोहर लाल खट्टर को सौंपे गए थे और उन पर जांच भी चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तमंत्री के परिजनों ने इसकी फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को एसआईटी को सौंपा है। अब एसआईटी इसकी जांच में जुट गई है साथ ही एसएफएल टीम ने भी नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया है। अब इस खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। वहीं जांच के बाद और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। शहर में हुए उपद्रव के दौरान कई जगह दुबई के बर्निंग कोल और चीन के केमिकल से आग लगाए जाने की बात पहले भी सामने आई थी।
विज्ञापन
अब वित्तमंत्री के परिजनों के द्वारा एसआईटी को सौंपे गए सबूत से इस मामले को बाकायदा एक साजिश समझा जा रहा है। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खुद ही इस बात का खुलासा किया था कि उपद्रव के दौरान हुई आगजनी में कई जगहों पर दुबई के बर्निंग कोल और चीन के केमिकल का इस्तेमाल किया गया है। उनके पैकेट भी यहां मिलने पर सीएम मनोहर लाल खट्टर को सौंपे गए थे और उन पर जांच भी चल रही है।
विज्ञापन
ज्वलनशील पदार्थ के बिना नहीं लग सकती थी कोठी में आग
जाट आरक्षण
- फोटो : भव्य नरेश
वित्तमंत्री के परिजनों की मानें तो जिस तरह से कोठी में अचानक आग भड़की थी, वह किसी ज्वलनशील पदार्थ के बिना नहीं भड़क सकती है। कोठी के दरवाजों में लगी लकड़ी और अन्य सभी सामान किसी ज्वलनशील पदार्थ के बिना नहीं जल सकते थे।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भाई वृतपाल सिंधु ने बताया कि उनकी कोठी को जलाने के लिए बड़ी साजिश रची गई है। उसके लिए एक गाड़ी में रसायन को बोतलों में भरकर लाया गया और लोगों को कोठी में आग लगाने के लिए ही भेजा गया था। उनके पास ऐसे साक्ष्य भी मौजूद है, जिनमें फोटो, वीडियो क्लिप के अलावा भी काफी कुछ है। हालांकि उन्होंने वह साक्ष्य कोठी में आग लगाने की जांच को बनी एसआईटी को सौंपे है। बर्निंग कोल और केमिकल से आग लगाने की बात सामने आने पर एफएसएल जांच भी शुरू करा दी गई है।
वित्तमंत्री की कोठी को जलाने में विदेशी बर्निंग कोल और केमिकल का इस्तेमाल होने के बारे में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा। लेकिन यह जरूर है कि वहां से एफएसएल टीम ने जांच को नमूने लिए हुए हैं। इसके अलावा काफी साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- सिद्धार्थ ढांडा, इंचार्ज एसआईटी
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के भाई वृतपाल सिंधु ने बताया कि उनकी कोठी को जलाने के लिए बड़ी साजिश रची गई है। उसके लिए एक गाड़ी में रसायन को बोतलों में भरकर लाया गया और लोगों को कोठी में आग लगाने के लिए ही भेजा गया था। उनके पास ऐसे साक्ष्य भी मौजूद है, जिनमें फोटो, वीडियो क्लिप के अलावा भी काफी कुछ है। हालांकि उन्होंने वह साक्ष्य कोठी में आग लगाने की जांच को बनी एसआईटी को सौंपे है। बर्निंग कोल और केमिकल से आग लगाने की बात सामने आने पर एफएसएल जांच भी शुरू करा दी गई है।
वित्तमंत्री की कोठी को जलाने में विदेशी बर्निंग कोल और केमिकल का इस्तेमाल होने के बारे में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा। लेकिन यह जरूर है कि वहां से एफएसएल टीम ने जांच को नमूने लिए हुए हैं। इसके अलावा काफी साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- सिद्धार्थ ढांडा, इंचार्ज एसआईटी