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हरियाणा उपद्रवः 350 अफसरों और कर्मियों पर जांच की आंच

Thu, 10 Mar 2016 08:13 PM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 10 Mar 2016 08:13 PM IST
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हरियाणा जाट आंदोलन - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव की आग भले ही थम गई है, लेकिन इस आग में 350 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी झुलसेंगे। उपद्रव की जांच के लिए बनी आईपीएस प्रकाश सिंह कमेटी सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस देकर जांच में शामिल करेगी।
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इसके लिए सभी की लिस्ट भी तैयार हो गई है। कमेटी जिस जिले में जाएगी, वहां के संबंधित अधिकारी को नोटिस थमा दिया जाएगा। इसमें कमिश्नर, आईजी, डीसी, एसपी, एडीसी, एसडीएम, डीएसपी और एसएचओ होंगे। वहीं, जिन जगहों पर सरकारी संपत्ति में नुकसान हुआ है, वहां के कर्मचारी भी जांच के दायरे में रखे जाएंगे।
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ध्यान रहे कि आंदोलन के बाद रोहतक में अचानक उपद्रव शुरू हो गया। इस दौरान यहां तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की गई। यहां से उपद्रव की आग झज्जर, भिवानी और सोनीपत होते हुए पूरे प्रदेश में फैल गई। अब यह आग शांत जरूर हो गई, लेकिन इसकी आंच में अफसर और कर्मी झुलसने शुरू हो गए हैं।
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उपद्रव की जांच कर रही आईपीएस प्रकाश सिंह कमेटी ने अभी तक उन जिलों के अफसरों की लिस्ट तैयार की, जहां उपद्रव ज्यादा हुआ है। ऐसे अफसर 200 से ज्यादा हैं, जिनमें कमिश्नर और आईजी से लेकर एसडीएम और डीएसपी तक शामिल हैं। इस लिस्ट में उन कर्मियों को भी रखा गया है, जहां सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। जिन थानों में लूटपाट हुई है, उस थाने के सभी पुलिसकर्मियों को जांच में डाला जाएगा।

आईपीएस प्रकाश सिंह ने बताया कि कमेटी ने अभी तक रोहतक का दौरा किया है और अब सोमवार से फिर दौरा शुरू किया जा रहा है। झज्जर, सोनीपत, भिवानी सभी जिलों में कमेटी के लोग जाएंगे और वहां घटनास्थलों का निरीक्षण करके लोगों से बातचीत करेंगे। सभी अधिकारियों को नोटिस जारी किया जा रहा है, जिससे उनको जांच में शामिल किया जा सके।


जांच रिपोर्ट में जिस अधिकारी की लापरवाही मिलेगी, उस पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। आईपीएस प्रकाश सिंह ने बताया कि उपद्रव से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्य भेजने के लिए ईमेल आईडी और व्हाट्स एप नंबर दिया गया था, जिन पर काफी साक्ष्य पहुंचे और उनके आधार पर अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
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