35 बिरादरियों का ऐलान, जाटों को आरक्षण मिला तो पंजाबी भी लेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आंदोलन और हिंसा के कारण हरियाणा की 35 बिरादरियां काफी गुस्से में हैं। उन्होंने महापंचायत करके बहुत बड़ा ऐलान किया है। आंदोलन की आड़ में लूटपाट और आगजनी के लिए पुलिस और नेताओं को जिम्मेदारी ठहरा रही 35 बिरादरी के लोगों और व्यापारियों में शासन-प्रशासन और जाटों के खिलाफ गुस्सा है।
रविवार को रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, फतेहाबाद और करनाल में अलग-अलग जगहों पर पंजाबी समुदाय और 35 बिरादरी के लोगों की पंचायतें हुई। इस दौरान सरकार और इनके नुमाइंदों पर जमकर भड़ास निकाली गई और उनकी सुरक्षा के उपाय न करने पर आंदोलन और बाजार बंद की चेतावनी दी।
रोहतक में पंजाबी समुदाय ने एलान किया कि जाटों को आरक्षण दिया गया तो पंजाबियों को भी देना होगा। उधर फतेहाबाद में बंद रहा, नारनौल में सोमवार को बंद का आह्वान किया गया है।
प्रशासन सुरक्षा में फेल, अपने पास हथियार रखें
रोहतक में गांधी कैंप के सब्जी मंडी पार्क में पंजाबी समुदाय के लोगों की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा पाकिस्तान से हम सभी पंजाबी भाई सिर्फ तीन कपड़ों में आए थे। अपने खून व पसीने से पूरे रोहतक शहर को सींचा है और हरियाणा को बसाने में भी हमारी पूरी भागीदारी है।
आरक्षण की आड़ में हिंसा फैलाने के बाद भी अगर उनके जाटों के हक में फैसला होता है तो पंजाबी भी आरक्षण लेने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने हमारी रोजी-रोटी को चुन-चुन कर छीना है, उसे खाक किया है। वे यह न समझें कि हम कमजोर है। हम पंजाबी खुद्दार है। मेहनत करके खाना जानते है, न की किसी का हक छीनकर।
इसलिए पंजाबी बिरादरी के साथ अन्य 34 बिरादरियों को भी आज एक साथ अपने हक के लिए खड़े होने की जरूरत है। बैठक में फैसला किया गया कि प्रशासन सुरक्षा में फेल रहा है, इसलिए अपने पास हथियार रखें और लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
अनसुना किया तो जेल भरो आंदोलन को मजबूर होंगे
जाट आरक्षण के नाम पर हुई आजगजनी एवं लूटपाट के विरोध में रविवार को 35 बिरादरियों के प्रधानों के नेतृत्व में लोगों ने नेहरू पार्क में शासन एवं प्रशासन सहित उपद्रवियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
मदनलाल झाम की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से एक विशेष जाति को छोड़कर सभी समुदायों के प्रतिष्ठानों को नष्ट करने का काम किया गया, उससे प्रमाणित होता है कि प्रदेश में यह तांडव कुछ लोगों के इशारों में किया गया।
वक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश में मंत्री कैप्टन अभिमन्यू एवं ओमप्रकाश धनखड़ पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा 35 बिरादरियों की बात को अनसुना किया गया तो वह प्रदेश में आमरण अनशन करने के साथ ही जेल भरो आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।