जाट आंदोलन: रोहतक और भिवानी में कर्फ्यू
हरियाणा में जाट आंदोलन बेकाबू हो गया है और सेना को बुलाना पड़ा है। रोहतक और भिवानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इससे पहले वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर में आग लगा दी गई। कई ट्रेने रद्द कर दी गई हैं। एचटेट एग्जाम को स्थगित कर दिया गया है। 22 फरवरी तक सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। कई शहरों में धारा 144 लगा दी गई।
रोहतक में जाटों और पुलिस के बीच संघर्ष में फायरिंग हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, दर्जन भर लोग घायल हुए। मामले को लेकर आज मुख्यमंत्री खट्टर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। उसके बाद प्रैस कॉन्फ्रेंस की और जाटों से आज हर हाल में आंदोलन खत्म करने को कहा।
खट्टर ने कहा कि राजकुमार सैनी के बयान पर कहा कि अगर किसी को उससे ठेस पहुंची हो तो इसके लिए खेद है। खट्टर ने कहा कि सैनी अपने बयान वापिस लेने के लिए तैयार हैं। खट्टर ने कहा कि जाट आरक्षण पर हरियाणा सरकार ने कमेटी गठित की है और इस पर 31 मार्च तक रिपोर्ट आएगी।
उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ लेने नहीं दिया जाएगा। खट्टर ने कहा कि आरक्षण पर सरकार स्थाई हल चाहती है इसलिए इस पर शांतिपूर्ण बात हो। उन्होंने कहा कि खाप नेता, जाटों को वार्ता के लिए बुलाया गया था।
11 जिलों में हालात बेकाबू, वित्तमंत्री के घर आगजनी
वहीं, आंदोलन के चलते प्रदेश के 11 जिलों में हालात खराब हैं। कुछ देर पहले वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर में आग लगा दी गई। कई ट्रेने रद्द कर दी गई हैं। एचटेट एग्जाम को स्थगित कर दिया गया है। लोग और स्कूली बच्चे जाम में फंसे हुए हैं। 22 फरवरी तक सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। कई शहरों में धारा 144 लगा दी गई।
आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस व आरएएफ ने आंसू गैस के गोले छोड़कर लाठीचार्ज भी किया। मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। लोगों ने भट्टू रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इससे फ़ज़िल्का से रेवाड़ी तक चलने बाली ट्रेन बंद करनी पड़ी। इन लोगों ने मांग की है कि सरकार जाटों को आरक्षण जल्द दे नहीं तो उनका आंदोलन तेज़ हो जाएगा। जाटों ने दिल्ली से अंबाला-चंडीगढ़,अमृतसर, जम्मू और जालंधर जाने वाले सारे रूटों को बंद कर दिया है।
आंदोलनकारी युवक पुलिस के सामने पत्थरबाजी करते रहे
जाट आरक्षण आंदोलन की आग से हरियाणा में हालात बेकाबू हो गए है। रोहतक-भिवानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। शुक्रवार को रोहतक में एमडीयू गेट के आगे मोंर्चा जमाए बैठे आंदोलनकारियों ने दोपहर करीब 12 बजे डीएसपी और एसएचओ को पीटकर घायल कर दिया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी।
करीब तीन बजे आईजी ऑफिस में घुसने का प्रयास कर रहे आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को सर्किट हाउस में मोर्चा लेकर फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान दस से अधिक लोग घायल हुए हैं और एक की मौत हो गई। सभी घायलों को पीजीआई में भर्ती करवाया गया है।
भीड़ की ओर से फायरिंग में बीएसएफ का जवान भी घायल हो गया, उसे आंदोलनकारियों ने कब्जे में ले रखा है। प्रदर्शनकारियों ने सर्किट हाउस में खड़ी तीन सरकारी गाड़ियों को फूंक दिया।
पांच हजार से अधिक आंदोलनकारी युवक पुलिस के सामने पत्थरबाजी करते रहे और इन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने सर्किट हाउस के सामने झज्जर रोड की तरफ से जबर्दस्त हवाई फायरिंग की। इसके बावजूद भीड़ वहीं डटी रही। इसी बीच एमडीयू के सामने ही स्थित वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर के आगे एक गाड़ी को आग लगा दी और इसके बाद भीड़ कैप्टन के घर में घुस गई।
घर में मौजूद लोगों को बाहर निकालकर तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई। झज्जर जिले में डीघल चौकी, दुजाना चौकी और डीघल टोल प्लाजा को आग लगाने के साथ ही दो एंबुलेंस की फूंकने का समाचार है।
केंद्र से पेरामिलिट्री फोर्स की दस कंपनियां रवाना हो गई
सरकार ने प्रदेश के सर्वाधिक प्रभावित आठ जिलों रोहतक, सोनीपत, जींद, झज्जर, हिसार, भिवानी, पानीपत, कैथल में सैना तैनाती की मांग की गई है। प्रदेश में तेजी से बिगड़ रहे हालात पर काबू करने के लिए केंद्र से पेरामिलिट्री फोर्स की दस कंपनियां रवाना हो गई हैं व बीस और मांगी गई हे।
रोहतक में बृहस्पतिवार रात आंदोलनकारियों और पुलिस व बीएसएफ के बीच भिड़ंत के बाद से आंदोलन की आग और भड़की। एमडीयू चौक और दिल्ली बाईपास चौराहे पर शुक्रवार सुबह से ही लाठी, डंडे और सरिये लेकर तीन हजार से अधिक आंदोलनकारी डट गए थे। युवकों ने शहर में जगह तोड़फोड़ की और मॉल्स व शोरूम के आगे लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए।
लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई और वाहन पर किसी को नहीं निकलने दिया। दहशत के इस माहौल से पूरा शहर लगभग बंद रहा। दोपहर करीब 12 बजे डीएसपी शहर और एसएचओ एमडीयू के आगे जमे आंदोलनकारियों को समझाने के लिए पहुंचे, लेकिन भीड़ ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया और गाड़ी में तोड़फोड़ कर पलटा दी। जान बचाकर वे सामने ही स्थित एग्रोमॉल में घुसे तो भीड़ ने उन्हें और वहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। बाद में किसी तरह एंबुलेंस मंगवाकर घायल डीएसपी और एसएचओ को पीजीआई ले जाया गया।
आंदोलनकारियों ने पूरे शहर में जमकर उत्पात मचाया
डीएसपी से मारपीट और गाड़ी तोड़ने के बाद पुलिस और बीएसएफ के जवान रोडवेज की तीन बसों सहित छह वाहनों में मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से करीब 200 मीटर की दूरी पर मोर्चा ले लिया। इस दौरान भीड़ की ओर से नारेबाजी होती रही।
इसी बीच तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर लाठी-डंडे लिए लोगों के और पहुंचने से आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ गया और वे फोर्स पर हमला करने को दौड़ पड़े। भारी संख्या में उग्र भीड़ को अपनी ओर आते देख पुलिस और बीएसएफ के जवान रोडवेज तीनों बसों को वहीं छोड़कर पैदल ही भाग लिए।
भीड़ ने पीजीआई मोड़ तक उन्हें दौड़ाया। करीब दो घंटे तक दहशत का माहौल रहा। रोडवेज की तीनों बसों को बुरी तरह से तोड़ दिया गया और इसके बाद डीएसपी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।
पॉवरहाउस चौक से ओमेक्स सिटी तक कब्जा
आंदोलनाकारियों की तादाद धीरे-धीरे और बढ़ती गई। पॉवर हाउस चौक से ओमेक्स सिटी तक का इलाका पांच हजार से अधिक लोगों के कब्जे में रहा। आम आदमी इनके बीच से पैदल निकलते रहे लेकिन मीडिया की ओर से कवरेज पर पूरी तरह पांबदी रही। दो-तीन मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़ दिए गए और मारपीट की गई।
आईजी ऑफिस की ओर कूच
दोपहर करीब तीन बजे आंदोलनकारियों की भीड़ ने दिल्ली बाईपास चौराहे पर स्थित आईजी ऑफिस की ओर कूच कर दिया। पत्थरबाजी करने और आईजी ऑफिस में घुसने का प्रयास किया। इस बीच भीड़ में से किसी ने फायर किया जो बीएसएफ जवान को लगा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सर्किट हाउस से मोर्चा लेकर फायरिंग शुरू कर दी।
गोली चलने से करीब 11 लोग घायल हो गए। पीजीआई में उपचार के दौरान इनमें से एक की मौत हो गई। घायल बीएसएफ कर्मी को भीड़ ने कब्जे में ले रखा है। इस घटना के बाद आंदोलनकारियों ने पूरे शहर में जमकर उत्पात मचाया। गांधी कैंप में भी कई गाड़ियों को जला दिया।