चार्जशीट वापिस, अशोक खेमका को मिल सकता है बड़ा तोहफा
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हरियाणा सरकार ने आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ चार्जशीट वापिस ले ली, इसके साथ ही उनका केंद्र में जाने का रास्ता साफ हो गया। किसी दूसरे स्थान पर प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए विजिलेंस की क्लीयरेंस होनी जरूरी है।
चार्जशीट ड्रॉप होने के बाद अब उन्हें विजिलेंस क्लीयरेंस मिल जाएगी। एक साल के लंबे संघर्ष के बाद खेमका को यह राहत मिली है। इसके साथ ही भाजपा ने आईएएस अशोक खेमका को लेकर अपना वादा पूरा कर दिया है। सरकार के फैसले की प्रति मुख्य सचिव की ओर से जारी कर दी गई।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है कि खेमका की चार्जशीट ड्राप हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक सप्ताह पहले ही चार्जशीट वापस लेने पर निर्णय ले लिया था।
मुख्यमंत्री खट्टर ने कुछ समय पहले इसकी पुष्टि की थी कि वे खेमका की चार्जशीट पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सरकार ने खेमका के दिए जवाब के आधार पर यह चार्जशीट खत्म की है।
खेमका इस संदर्भ में अपना पक्ष सरकार के सामने रख चुके हैं। बीते पांच अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने खेमका को जवाब समझने के लिए बुलाया था। इसके बाद छह अक्तूबर को खेमका ने अपना पक्ष मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के सामने रख दिया था।
अब नोटिंग पर फंस सकता है पेच
जिस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर खेमका को चार्जशीट किया गया था, उस कमेटी के गठन की नोटिंग अभी तक खेमका को नहीं मिली है। सरकार के रिकार्ड से लंबे समय से गायब यह नोटिंग भी खेमका ने मांगी थी। उस नोटिंग का क्या हुआ, इसका चार्जशीट ड्राप संबंधी कागजात खेमका के पास पहुंचने के बाद खुलासा होगा।
यह वही नोटिंग है, जिसमें तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया था। जिसने वाड्रा को क्लीन चिट देते हुए खेमका को दोषी ठहराया था। इसके बाद 4 दिसंबर 2013 को हुड्डा सरकार ने खेमका को चार्जशीट कर दिया था।
खेमका ने 12 फरवरी को दे दिया था जवाब
खेमका को जिस मामले में सरकार ने चार्जशीट किया था। उसका जवाब खेमका ने 12 फरवरी 2015 को दे दिया था। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार के निर्देश हैं कि किसी भी चार्जशीट का निपटारा एक साल के अंदर होना जरूरी है। अब चार्जशीट का जवाब दिए हुए एक साल का समय बीतने में कुछ ही समय बाकी है। लिहाजा, सरकार को यह निपटारा करना पड़ा।