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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Home Minister Anil Vij writes to CM Manohar Lal for CBI investigation in Paper Leak Case

पेपर लीक मामला: हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सीबीआई जांच के लिए सीएम मनोहर लाल को लिखा पत्र

Fri, 20 Aug 2021 04:35 AM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 20 Aug 2021 04:35 AM IST
सार

हरियाणा में कई बार पेपर लीक हो चुका है। फिर चाहे वह पिछले सरकार के कार्यकाल की बात हो या फिर वर्तमान सरकार के कार्यकाल की। कर्मचारी चयन आयोग पर पेपर लीक को लेकर उंगलियां उठती रही हैं। विपक्ष ने भी हमेशा ही सरकार को पेपर लीक के मुददे पर घेरा है। जबकि सरकार इस बात पर अड़ी है कि भर्ती में पारदर्शिता लाकर रहेंगे, चाहें कितने ही पेपर लीक माफिया इस कार्य में संलिप्त हों।

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Haryana Home Minister Anil Vij writes to CM Manohar Lal for CBI investigation in Paper Leak Case
अनिल विज - फोटो : Twitter : @anilvijminister

विस्तार

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। विज के इस पत्र के बाद से हड़कंप मच गया है। पत्र के बाद मामला विधानसभा में लाए जाने को लेकर बैठकों का दौर जारी हो गया है। कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन ने तत्काल राय मशविरा कर विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में सदस्यों का हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर कानून बनाने की मांग की है।

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उधर गृह मंत्री ने जो पत्र लिखा है उसमें कहा है कि कई मामले हो चुके हैं लेकिन पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में कर्मचारी चयन आयोग से लोगों का भरोसा न उठ जाए और यह विश्वास बहाल रहे, इसके लिए सीबीआई जांच करवाने की आवश्यकता है।
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मालूम हो कि राज्य सरकार अधिकतर मामले सीबीआई को तब भेजती है जब स्थानीय पुलिस किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाती है। सरकार अब तक कई मामलों की जांच सीबीआई को सौंप चुकी है। यह मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र है कि वे सीबीआई को जांच देते हैं या नहीं।
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बहरहाल शुक्रवार से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। विपक्ष इस बात की तैयारी करके बैठा है कि पेपर लीक मामले में सरकार को घेरना है। ऐसे में सरकार अपनी तैयार बताएगी। हो सकता है इस मामले में बहस का समय भी विपक्ष को मिल जाए। चूंकि अनिल विज गृह मंत्री हैं और पुलिस उन्हीं के अधीन आती है। ऐसे में विज द्वारा सीबीआई को जांच सौंपना अहम मुद्दा बन गया है। गृह मंत्री का लिखा हुआ यह पत्र विधानसभा में मुद्दा बनना तय है। अमर उजाला से बातचीत में विज ने पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है।


कर्मचारी चयन आयोग की मांग

  • आयोग की सिफारिश मामले में शामिल युवा प्रतिबंधित हो, अधिकारी हों बर्खास्त
  • नए कानून में कम से कम सात साल कैद की सजा, एक लाख जुर्माना हो
  • प्रति परीक्षार्थी 2 हजार रुपये सरकारी खर्च जुर्माना या प्रापर्टी अटैच करने का प्रावधान हो
  • नकल करने में पकड़ा गया आरोपी राज्य सरकार की भर्ती में प्रतिबंधित कर दिया जाए
  • षड्यंत्र में शामिल आयोग, प्रतिभागी, प्रशासन के अधिकारी, परीक्षा केंद्रों से संबंधित स्टाफ, पेपर सेटर, प्रिंटिंग प्रेस, ट्रांसपोर्टर आदि सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके
  • सरकारी कर्मचारी और अधिकारी इसमें शामिल मिलता है तो उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए
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