क्राइम पेट्रोल की तर्ज पर थानों में होगी जांच, नशे पर 24 घंटे में शुरू होगा ऑपरेशन प्रहारः अनिल विज
- गृह मंत्री अनिल विज ने पहली बैठक में थोड़ा समझा, थोड़ा समझाया।
- पुलिस आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक उपकरणों व नवीनीकरण पर जोर।
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हरियाणा में पुलिस को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए गृह मंत्री अनिल विज ने मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में विज ने पुलिस विभाग के आला अफसरों के साथ पहली बैठक की। इसमें गृह सचिव नवराज संधू के साथ ही सीआईडी के अधिकारी भी मौजूद रहे। विज ने पहली बैठक में पुलिस विभाग के पेंच कस दिए हैं।
थोड़ा अधिकारियों से पुलिस विभाग को समझा है और थोड़ा उन्हें भविष्य में कार्य करने को लेकर समझाया है। नशे, अवैध शराब, जुआ, सट्टेबाजी, फिरौती मांगने वालों व नशीली दवाईयों पर पुलिस को तुरंत प्रभाव से प्रहार करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑपरेशन प्रहार आगामी 24 घंटों में शुरू होगा। नई सरकार की घोषणा अनुरूप इसे प्रदेश को नशा मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
विज ने डीजीपी मनोज यादव को निर्देश दिए हैं कि जिस तरह से सीआईडी क्राइम पेट्रोल सीरियल में अपराध के मामलों की जांच होती है, उस तरह के अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित थाने वह हर जिले में चाहते हैं। साथ ही कहा है कि संसार के किसी भी कोने से उपकरण मंगवाने पड़ें, मंगवाकर पुलिस को सौंपे जाएं।
हर थाना अत्याधुनिक उपकरणों से लैस यूनिट की तरह होना चाहिए ताकि अपराध होने पर पुलिस आधुनिक तरीकों व तकनीक का इस्तेमाल कर मामलों की जांच और रिसर्च कर सकें। बैठक के बाद अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस का आुधनिकीकरण किया जाएगा।
आपराधिक मामलों में सजा का रेट अभी 50 प्रतिशत से नीचे है, उसे और बढ़ाएंगे। फारेंसिक लैब को और अत्याधुनिक बनाया जाएगा। मोबाइल फारेंसिक लैब का आधुनिकीकरण करेंगे। नशे के खात्मे के लिए खुफिया तंत्र के इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए तस्करों को जेलों में डाला जाएगा। जेलें कम पड़ेंगी तो और बनाएंगे। अपराधियों को समाज को गंदा नहीं करने देंगे।
पुलिस कल्याण के लिए गठित होगी समिति, तैनाती पर मिलेगा खाना
गृह मंत्री विज ने डीजीपी को पुलिस कल्याण के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये समिति कर्मियों की समस्याओं को भी देखेगी। विज ने बताया कि विशेष व आपात डयूटी के समय पुलिस कर्मी खड़ा रहते हैं और उन्हें भोजन के लिए कोई पूछता तक नहीं है।
एक वाकया वह देख भी चुके हैं, जिसमें सेना व पुलिस दोनों डयूटी पर तैनात थीं। सेना के जवानों को वाहन आकर खाना दे गया और पुलिस कर्मियों को किसी ने पूछा तक नहीं। इसलिए भविष्य में जहां भी पुलिस की तैनाती होगी, खाने का प्रबंध विभाग करेगा। पंजाब समान वेतनमान का मामला भी कमेटी ही देखेगी।
पुलिस कार्यप्रणाली से संतुष्ट पर शिकायतों का अंबार
अनिल विज ने कहा कि पहली बैठक में मिले फीडबैक से वह पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट हैं। जब से वह गृह मंत्री बने हैं, उनके ई-मेल और घर पर शिकायतों का अंबार लग गया है। इन सब शिकायतों को निपटारे के लिए शिकायत सेल में भेजा जाएगा। सबको इंसाफ दिलाएंगे। जिन मामलों में ढिलाई बरती गई होगी उनमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
गैंगरेप को मानता हूं अपराध, घर बैठे जान सकेंगे एफआईआर का स्टेट्स
गृह मंत्री विज ने साफ कर दिया है कि गैंगरेप को वह अपराध मानते हैं। उसके कानून के अनुसार ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। और किसी के इस मामले में विचार चाहे जो भी हों। उन्होंने कहा कि भविष्य में ये भी व्यवस्था की जाएगी कि पीड़ित पक्ष अपनी एफआईआर पर कार्रवाई का स्टे्टस घर बैठे जान सके।
बैठक में निर्देशों के साथ ये निर्णय भी हुए
- पुलिस थानों को अपग्रेड किया जाए, खस्ताहाल थानों की मरम्मत करें।
- सरकार से पुलिस विभाग को नए कामों के लिए बजट दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।
- पुलिस कर्मियों के आवास के लिए हुडको से लोन दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। आवास जंगल के बजाए शहर के आसपास बनाए जाएं। ताकि बच्चों को शिक्षा व अन्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
- डायल 100 को छह महीने में चालू कर दिया जाएगा। हर थाने को दो अतिरिक्त वाहन मिलेंगे।
- पुलिस दोस्ताना व्यवहार के साथ काम करेगी, आधुनिकीकरण के साथ ट्रेनिंग भी जवानों को देंगे। व्यवहार कुशल बनाने के लिए किसी संस्थान की सेवाएं लेने से भी गुरेज नहीं।
- लंबित केसों को निपटाने में तेजी लाई जाएगी।
- पारदर्शिता व आधुनिकीकरण से पुलिस में भ्रष्टाचार को दूर करेंगे।
- पुलिस में संख्या बल की कमी नई भर्ती से दूर की जाएगी।
- जाम की समस्या से निपटने के लिए ऑटो, रिक्शा, बस, टैक्सी इत्यादि के खड़े होने के स्थान पूरे प्रदेश में चिन्हित होंगे।