Haryana News: एक KM दूर है स्कूल तो परिवहन सुविधा देगी सरकार, नहीं मिलने पर किराया देने का बन रहा प्लान
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह निर्देश मंगलवार को प्रशासनिक सचिवों, जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यस्तरीय दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते वक्त दिया।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदेश में एक किमी से अधिक दूरी पर स्थित स्कूलों में विद्यार्थियों को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। छोटे वाहनों से छात्रों को आवागमन की सुविधा दी जाए। इस कार्य की समुचित मॉनिटरिंग के लिए स्कूल के एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए। अगर ऐसा संभव नहीं है तो छात्रों को किराया देने के संबंध में भी एक प्लान तैयार किया करें। वर्तमान में छात्राओं को परिवहन सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को प्रशासनिक सचिवों, जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यस्तरीय दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते वक्त दिया। बैठक की सह-अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने की। बैठक में सांसद रमेश चंद्र कौशिक, राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीपी वत्स, विधायक डॉ. अभय यादव, निर्मल रानी और मामन खान भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अर्बन की समीक्षा करने का निर्देश दिया। इन योजनाओं के अलावा राज्य सरकार के स्तर पर अलग से भी योजना बनानी पड़े तो बनाएं। इसके लिए बैंकों के साथ लिंक करके या राज्य सरकार की ओर से कुछ हिस्सा देकर घर मुहैया करवाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
स्कूल ड्रॉप आउट कम करने के लिए की जा रही बच्चों की ट्रैकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल ड्रॉप आउट पर अंकुश लगाने के लिए सरकार अथक प्रयास कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग प्रत्येक बच्चे की ट्रैकिंग कर रहा है। कहीं भी शिक्षा प्राप्त नहीं करने वाले बच्चों को ट्रैक कर उन्हें स्कूलों में लाया जाएगा।
बागवानी विभाग की सब्सिडी योजनाओं का अध्ययन करेगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने बागवानी विभाग की योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि किसानों के हितों में सरकार विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी प्रदान करती है। कुछ योजनाओं में थोड़ा बदलाव करने की भी आवश्यकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने कमेटी गठित करने का निर्देश दिया, जो बागवानी विभाग की सब्सिडी योजनाओं का अध्ययन करेगी।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को जिला स्तरीय दिशा समितियों की नियमित बैठक करने का निर्देश दिया है ताकि इन बैठकों में उठाए गए सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को राज्यस्तरीय दिशा समिति में रखा जा सके। बैठक में बताया कि खनन स्थलों के भीतर व आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए खनन स्थलों पर पीजोमीटर लगाने की प्रक्रिया जारी है। अगले दो महीने में सभी जगह पीजोमीटर लग जाएंगे।