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जेबीटी भर्ती घोटाले में नपे 48 सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी, हरियाणा सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, पेंशन रोकी
Sat, 19 Dec 2020 12:54 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 19 Dec 2020 12:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : social media
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बहुचर्चित जेबीटी भर्ती घोटाले में संलिप्त स्कूल शिक्षा विभाग के 48 सेवानिवृत्त अधिकारियों पर हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी पेंशन रोक दी है। इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला व उनके बेटे अजय चौटाला 10-10 साल की सजा काट रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह ने 48 सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारियों की पेंशन रोकने की फाइल को 10 दिसंबर 2020 को मंजूरी दी थी।
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शिक्षा निदेशालय ने 16 दिसंबर 2020 को पेंशन रोकने के आदेश जारी किए हैं। जिन 48 अधिकारियों की पेंशन न्यायालय के आदेश पर रोकी गई है, उनमें स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त, सहायक व उपनिदेशक स्तर के अधिकारियों के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी व प्रिंसिपल भी शामिल हैं।
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2013 में ओपी चौटाला व अजय चौटाला को जेबीटी भर्ती मामले में सजा सुनाए जाने के बाद इन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया था। इसकी प्रक्रिया 2016 में पूरी हो गई, मगर विभाग ने अब इनके खिलाफ कार्रवाई की है। ये शिक्षा अधिकारी जेबीटी भर्ती की जिला स्तरीय चयन समितियों के चेयरमैन और सदस्य थे।
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यह है मामला
हरियाणा में वर्ष 1999-2000 में 3206 जेबीटी की भर्ती हुई। इसमें अनियमितताओं को लेकर न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। वर्ष 2013 में सीबीआई कोर्ट ने ओपी चौटाला व उनके बेटे अजय चौटाला को 10-10 साल की सजा सुनाई। अनेक विभागीय अधिकारियों को भी जुर्माना व 2-2 साल की सजा सुनाई गई। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। इन पर आरोप था कि जेबीटी भर्ती में जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ, उनकी चयन सूची दिल्ली और चंडीगढ़ में बनाई गई।