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जाट आंदोलनः सरकार बिना शर्त बात करने को तैयार, यशपाल मलिक ने रखी शर्त

Wed, 01 Mar 2017 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 01 Mar 2017 12:45 PM IST
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haryana govt ready to talk with jat people without any condition, yashpal malik
सीएम से मिलने आए जाट नेता
धरने पर बैठे जाटों से हरियाणा सरकार बिना किसी शर्त के बात करने को तैयार हो गई है, लेकिन संघर्ष समिति के यशपाल मलिक ने शर्त रख दी है। सीएम खट्टर ने मंगलवार को यहां कहा कि जाट आंदोलनकारियों की ओर से 18 मांगें मिली हैं।
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सरकार उन पर बिना शर्त बातचीत करने को तैयार है। यह बातचीत कानून के दायरे में ही होगी, लेकिन आंदोलनकारियों की तरफ से भी कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह स्थिति न बिगड़े, इसलिए एहतियातन सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
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वहीं अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कैबिनेट से मंजूर कमेटी से ही बात करने की शर्त रखते हुए 1 मार्च से असहयोग आंदोलन की घोषणा की। मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के बाद में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए बिना शर्त बातचीत की हामी भरी।
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यशपाल मलिक ने दिखाए आक्रामक तेवर

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हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
वहीं अलग-अलग जिलों में चल रहे धरने को तेज करने का एलान करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि फिलहाल आंदोलन थमने वाला नहीं है और वार्ता को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। 18 सूत्री मांग नहीं रखी गई है, बल्कि गंभीर आपराधिक मामले में लिप्त भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इस पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने सरकार पर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया।

यशपाल मलिक ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो जल्द ही हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर बार धरनों पर बढ़ती भीड़ को कंट्रोल में रखना मुश्किल होता है। आने वाला समय कंट्रोल से बाहर भी हो सकता है। मलिक ने कहा कि देश में 21 जातियों को आरक्षण दिया गया है और केवल जाटों के आरक्षण को ही सरकार के द्वारा रद्द किया गया है।

सरकार चाहती है कि जाट वर्ग पूरा जीवन खेती पर ही निर्भर रहे। वहीं ऊधमी नैन ने लोगों से कहा कि आज हमारे समाज के 80 लोग मुख्यमंत्री के साथ खाना खाकर आते हैं और हम को छोटा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों का सभी खापें कोई पक्का इलाज करें।

 
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