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वित्त बजट: हरियाणा सरकार कहां से पैसा कमाएगी और कहां खर्च करेगी, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Mar 2017 10:05 AM IST
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हरियाणा का वित्त बजट 2017
हरियाणा सरकार नए वित्तीय वर्ष 2017-18 में कहां से पैसा कमाएगी और कहां खर्च करेगी। इसके बारे में भी वित्त बजट में विस्तार से बताया गया। सरकार सबसे ज्यादा राजस्व राज्य सरकार के अपने करों से प्राप्त होगा। बिक्री कर, राज्य आबकारी, स्टांप व पंजीकरण, वाहन कर व अन्य से सरकार को 42.63 फीसदी राशि मिलेगी। इसमें बिक्री कर से सबसे अधिक तीस प्रतिशत राजस्व आएगा।
सरकार कुल बजट का एक चौथाई हिस्सा कर्ज भी लेगी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 26.42 प्रतिशत कर्ज लेने का अनुमान रखा है। इसमें राज्य विकास लोन 16.15 प्रतिशत लिया जाएगा। इसके अलावा सरकार को 15.14 फीसदी राशि केंद्रीय करों से प्राप्त होगी। 9.91 प्रतिशत राशि गैरकर राजस्व से आएगी। 5.90 प्रतिशत अन्य प्राप्तियों का लक्ष्य है।
इन विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले फंड का सबसे अधिक 34.91 प्रतिशत हिस्सा सरकार सामाजिक सेवाओं पर खर्च करेगी। इसमें शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद 30.93 प्रतिशत राशि आर्थिक सेवाओं में व्यय की जाएगी। इनमें कृषि, सिंचाई, बिजली, परिवहन, सड़क, नागरिक उड्डयन, ग्रामीण विकास व पंचायती राज क्षेत्र आएंगे।
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राजस्व प्राप्तियों में से 20.72 प्रतिशत राशि कर्ज चुकाने के लिए रखी गई है। सामान्य सेवाओं पर मात्र 13.43 फीसदी बजट ही खर्च होगा। इसमें प्रशासनिक सेवाएं, पेंशन व अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
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सरकार कुल बजट का एक चौथाई हिस्सा कर्ज भी लेगी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 26.42 प्रतिशत कर्ज लेने का अनुमान रखा है। इसमें राज्य विकास लोन 16.15 प्रतिशत लिया जाएगा। इसके अलावा सरकार को 15.14 फीसदी राशि केंद्रीय करों से प्राप्त होगी। 9.91 प्रतिशत राशि गैरकर राजस्व से आएगी। 5.90 प्रतिशत अन्य प्राप्तियों का लक्ष्य है।
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इन विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले फंड का सबसे अधिक 34.91 प्रतिशत हिस्सा सरकार सामाजिक सेवाओं पर खर्च करेगी। इसमें शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद 30.93 प्रतिशत राशि आर्थिक सेवाओं में व्यय की जाएगी। इनमें कृषि, सिंचाई, बिजली, परिवहन, सड़क, नागरिक उड्डयन, ग्रामीण विकास व पंचायती राज क्षेत्र आएंगे।
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राजस्व प्राप्तियों में से 20.72 प्रतिशत राशि कर्ज चुकाने के लिए रखी गई है। सामान्य सेवाओं पर मात्र 13.43 फीसदी बजट ही खर्च होगा। इसमें प्रशासनिक सेवाएं, पेंशन व अन्य क्षेत्र शामिल हैं।