हरियाणा सरकार को बड़ी राहत: PGT गणित के 315 पदों की भर्ती का परिणाम रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
हरियाणा सरकार ने सिंगल बेंच के आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी। सरकार ने कहा कि भर्ती विज्ञापन के अनुसार पूरी की जा रही है। अंतिम चरण में परिणाम को रद्द किया गया है। इससे भर्ती लटक जाएगी।
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हरियाणा लोक सेवा आयोग की पीजीटी गणित के 315 पद के लिए की जा रही भर्ती का परिणाम रद्द करने के सिंगल बेंच के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है। हरियाणा सरकार व कर्मचारी चयन आयोग को बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट ने अब सिंगल बेंच के समक्ष याचिकार्ता को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
महेंद्रगढ़ निवासी परमिला ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में याचिका दाखिल करते हुए स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम को रद्द करने की मांग की थी। याची ने बताया कि सामान्य/अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवार की तुलना में अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद विज्ञापन में शामिल गलत शर्तों के कारण उसका चयन नहीं किया गया।
याची ने बीसी (बी) श्रेणी में 100 में से 41.85 अंक प्राप्त किए थे और फिर भी उसका चयन नहीं किया गया लेकिन सामान्य श्रेणी में जिनके 38.04 अंक थे और उनका चयन कर लिया गया है। विज्ञापन के अनुसार स्क्रीनिंग टेस्ट के समय श्रेणीवार पदों के चार गुना आवेदकों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाना था। इस चयन के दौरान श्रेणी के अनुसार आवेदकों की मेरिट सूची बनाई गई और इसके चलते याची जिसने सामान्य श्रेणी के आवेदक से अधिक अंक प्राप्त किए हैं फिर भी उसे योग्य नहीं माना जा रहा है।
आयोग को उन लोगों की विषय ज्ञान परीक्षा आयोजित करनी थी जो स्क्रीनिंग टेस्ट में योग्य थे। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए स्क्रीनिंग टेस्ट के परिणाम को रद्द कर दिया है। साथ ही नए सिरे से नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया था।
हरियाणा सरकार ने सिंगल बेंच के इस आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है और कहा है कि भर्ती के अंतिम चरण में परिणाम को रद्द किया गया है और इससे भर्ती लटक जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि भर्ती विज्ञापन के अनुसार पूरी की जा रही है और सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करने वाली आवेदक ने भर्ती में नियमों को स्वीकार कर हिस्सा लिया था और बाद में चयन नहीं होने पर चुनौती दे दी।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार व आयोग की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर सिंगल बेंच के समक्ष याची रही परमिला को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही परिणाम रद्द करने के सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है।