हरियाणा सरकार ने कसी कमर, एडहॉक जेबीटी को नियमित कराने के लिए जाएगी हाईकोर्ट
हरियाणा सरकार विधानसभा चुनाव से पहले सभी नवनियुक्त एडहॉक जेबीटी को नियमित कराने के लिए गंभीर हो गई है। 2011 की मेरिट लिस्ट में शामिल चयनित 1259 जेबीटी को हाईकोर्ट के आदेश पर नौकरी से बर्खास्त करने के बाद सरकार ने एडहॉक पर नियुक्ति दे दी थी।
इनमें से अब भी 903 जेबीटी स्कूलों में एडहॉक पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा 700 जेबीटी अभी प्रतीक्षा सूची में ही हैं, जिन्हें नियुक्ति का इंतजार है।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में लगभग तीन माह का ही समय बचा है। ऐसे में हरियाणा पात्र अध्यापक संघ ने एडहॉक पर कार्यरत जेबीटी को नियमित कराने, प्रतीक्षा सूची में शामिल जेबीटी को ज्वाइन कराने और कार्यरत लो मेरिट जेबीटी की वेतन विसंगति दूर कराने की मुहिम छेड़ी हुई है। बुधवार सुबह दस बजे पात्र अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य प्रधान राजेंद्र शर्मा वत्स के नेतृत्व में सीएम के पूर्व ओएसडी जवाहर यादव से मुलाकात की।
इसमें यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जस्टिस सूर्यकांत के 8 जून 2017 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए सरकार हाईकोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी में है। जुलाई में कोर्ट खुलने पर याचिका दायर कर एडहॉक पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित करने की अनुमति मांगी जाएगी।
चूंकि, जस्टिस सूर्यकांत के फैसले अनुसार 2011 और 2013 की ज्वाइंट मेरिट लिस्ट बनाकर 9870 पद ही नियमित तौर पर भरे जा सकते हैं। इसलिए हाईकोर्ट से याचिका दायर कर आग्रह किया जाएगा कि सभी चयनित जेबीटी को नियमित करने की अनुमति दी जाए।
पांच सौ जेबीटी ने अब तक नहीं किया ज्वाइन
सरकारी स्कूलों में नियुक्ति मिलने के बावजूद अब तक पांच सौ जेबीटी ने ज्वाइन नहीं किया है। स्कूल शिक्षा विभाग इनकी उम्मीदवारी भी रद्द करने की तैयारी में है। इनकी उम्मीदवारी रद्द होने के बाद एडहॉक जेबीटी नियमित ज्वाइनिंग कर लेंगे। इससे वेटिंग लिस्ट में शामिल 700 जेबीटी में से पांच सौ को एडजस्ट किया जा सकेगा।
इसके अलावा प्रदेश के अनेक लो मेरिट एडहॉक जेबीटी को अभी 21715 रुपये वेतन मिल रहा है, जबकि जेबीटी गेस्ट टीचर्स व कुछ एडहॉक जेबीटी 26000 रुपये वेतन ले रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कम वेतन लेने वाले जेबीटी का भी आंकड़ा जुटाया है। इनकी वेतन विसंगति जल्दी दूर होने की उम्मीद है।