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एससी-एसटी पर मेहरबान हुई हरियाणा सरकार, इन मामले में मिलेगी इतनी आर्थिक मदद
Sat, 08 Jun 2019 01:23 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:23 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम, 1995 के प्रावधानों के तहत अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एडहॉक ग्रांट की राशि बढ़ा दी है। अभी तक 75 सौ रुपये तुरंत राहत के तौर पर दिए जाते थे। अब 10 हजार रुपये मिलेंगे।
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ये राशि जांच, गवाही के लिए आने पर बस, रेल किराया, लोकल खर्च, दैनिक मजदूरी इत्यादि के लिए बनाए गए कंटीजेंसी प्लान (आकस्मिक योजना) के तहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए संबंधित डीसी के माध्यम से एडहॉक ग्रांट दी जाती है। जिसमें तुरंत प्रभाव से 25 सौ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है।
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इसी प्रकार अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति, उसके आश्रित या गवाह को जांच या सुनवाई में आने-जाने के लिए एकमुश्त 100 रुपये की राशि को बढ़ाकर 150 रुपये करने का फैसला किया गया है। अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति, उसके आश्रित, सहायक या गवाह को खाने-पीने के लिए 50 रुपये प्रतिदिन दी जाने वाली राशि बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है।
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संबंधित जिला कल्याण अधिकारी उसी दिन सुनवाई व गवाही के पश्चात अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति को यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता और डाइट की राशि मंजूर कर देगा। इसके लिए संबंधित प्रत्येक जिला कल्याण अधिकारी को 50 हजार रुपये की राशि रखनी अनिवार्य थी, जिसे अब एक लाख रुपये कर दिया गया है।
अत्याचार से पीड़ित व्यक्ति का मकान यदि पूरी तरह से बर्बाद या जल गया है तो उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत (ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के मामले में ) प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाएगा। नियम व शर्तों को पूरा नहीं करने की स्थिति में संबंधित डीसी छूट देने के लिए अधिकृत हैं।