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किसान आंदोलन: प्रीतपाल को न तो किया गया गिरफ्तार, न ही उस पर कोई एफआईआर की : हरियाणा

Tue, 27 Feb 2024 01:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:43 AM IST
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Haryana Government Said Preetpal was neither arrested nor any FIR filed against him
-पंजाब की सीमा के भीतर घुसकर गिरफ्तारी व अवैध हिरासत के आरोप हरियाणा ने हाईकोर्ट में नकारे
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-प्रदर्शनकारियों के खनौरी बॉर्डर पर नहीं बल्कि जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर होने की दी दलील

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। खनौरी बॉर्डर से युवा किसान प्रीतपाल सिंह को हरियाणा पुलिस द्वारा अवैध तरीके से गिरफ्तार करने, तय समय में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश न करने और उचित इलाज मुहैया न करवाने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने आरोपों को नकार दिया है। सरकार ने कहा कि प्रीतपाल को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उस पर कोई एफआईआर दर्ज है। वह जींद के दाता सिंह वाला बॉर्डर पर घायल अवस्था में मिला था और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था।

प्रीतपाल सिंह के पिता संगरूर निवासी दविंदर सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि उनका बेटा किसानों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा था। हरियाणा पुलिस ने 21 फरवरी को दोपहर दो बजे खनौरी बॉर्डर से पंजाब के क्षेत्र में प्रवेश करके उसे घायल कर दिया था। घायल होने के बाद उसे पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया और रोहतक पीजीआई भेज दिया। याची के बेटे की गिरफ्तारी के 48 घंटे बीतने के बाद भी उसे तय प्रावधान के अनुसार किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। याची ने बेटे को चंडीगढ़ के पीजीआई या पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 फरवरी को इस मामले में वारंट ऑफिसर की नियुक्ति की थी।
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सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि बैरिकेडिंग हरियाणा की सीमा में पंजाब की सीमा से 599 मीटर पहले की गई है। ऐसे में प्रदर्शनकारी हरियाणा के क्षेत्राधिकार में मौजूद थे। 21 फरवरी को आंदोलनकारियों ने पुलिस पर हमला किया और झड़प में कई पुलिसवाले घायल हो गए थे। उस दौरान पुलिसबल को प्रीतपाल खेतों में घायल मिला था और उसे इलाज के लिए नरवाना के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। वहां पर प्रीतपाल के परिजन मौजूद थे और उनकी मर्जी के अनुसार प्रीतपाल को बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। सरकार ने कहा कि प्रीतपाल पर न तो कोई एफआईआर है और न ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया है। ऐसे में यह याचिका रद्द की जाए। हाईकोर्ट ने अब प्रीतपाल की मेडिकल रिपोर्ट के लिए मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।
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हाईकोर्ट ने दो दिन में मांगी मेडिकल रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट दाखिल न करने पर हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि हमने विशेष रूप से मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका में आदेश का सही पालन न होना अवमानना के दायरे में आता है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को दो दिन की मोहलत देते हुए मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

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क्या प्रीतपाल ने खुद को चोट पहुंचाई

हरियाणा सरकार ने दलील दी कि उस पर बल प्रयोग नहीं किया गया। उसे चोटिल हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि आप क्या कहना चाहते हैं, क्या प्रीतपाल ने खुद को चोट पहुंचाई है। इन चोटों की हकीकत मेडिकल रिपोर्ट से सामने आ ही जाएगी।
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