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अहम फैसलाः पेट्रोल-डीजल के वैट पर मनमानी, जहाजों के तेल पर मेहरबानी
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Jun 2018 09:56 AM IST
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हरियाणा सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल समूह की बैठक में एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत आरसीएस हवाई अड्डों पर और राज्य में स्थित अन्य हवाई अड्डों से आरसीएस हवाई उड़ानों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की बिक्री पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
भले ही हरियाणा सरकार का ये फैसला विमानन कंपनियों और उन खास लोगों के लिए बड़ी राहत है, जिनके पास अपने निजी जैट विमान व हेलीकाप्टर मौजूद हैं। लेकिन प्रदेश की आम जनता के लिए ये निर्णय उन परिस्थितियों में बेहद चौंकाने वाला है। जब प्रदेश की जनता पर अपने वाहनों के लिए महंगे पेट्रोल और डीजल की मार बरकरार चल रही है।
बार-बार जनता की मांग के बावजूद हरियाणा सरकार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर तो वैट कम नहीं कर रही है, लेकिन विमानों के तेल पर 95 प्रतिशत वैट कम करके विमानन कंपनियों को बड़ी राहत जरूर दे दी है।
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सूबे में बहुत कम है विमानों के तेल की बिक्री
वर्तमान स्थिति यदि देखें तो दिन में जनता पेट्रोल और डीजल की बिक्री वाहन चालक करते हैं, उसके मुकाबले विमानों के इस खास तेल एविएशन टरबाइन फ्यूल की बिक्री बहुत ही कम है। हरियाणा के करीबन 2536 पेट्रोल पंपों पर रोजाना औसतन लगभग 12.68 करोड़ लीटर तेल की रोजाना बिक्री होती है। प्रदेश में आज भी पेट्रोल पर 26.25 और डीजल पर है 17.2 प्रतिशत वैट वसूला जाता है। जिससे तेल का रेट और महंगा है। मगर बावजूद इसके सरकार पेट्रोल-डीजल पर तो वैट कम कर जनता को राहत देने के मूड में नहीं है। लेकिन विमानों का तेल जिसकी बिक्री बहुत ही कम है, उस पर वैट 20 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर सरकार ने वाहन चालकों को चौका दिया है।
सरकार का पक्ष, एयरलाइंस परिचालनों की लागत कम होगी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी व सीएम के मीडिया एडवाइजर राजीव जैन ने बताया कि भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को वहनीय बनाकर इसे सुविधाजनक बनाने के लिए आरसीएस-उड़ान शुरू करने जा रही है। यह योजना क्षेत्रीय मार्गों या अन्य समर्थन उपायों पर एयरलाइन परिचालनों की लागत को कम करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और हवाईअड्डा ऑपरेटरों द्वारा एयरलाइन ऑपरेटरों को रियायतों के माध्यम से सहयोग देगी।
हरियाणा सरकार ने भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, अध्यक्ष, भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौता ज्ञापन के तहत, आरसीएस हवाईअड्डों (जैसा कि सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है) पर और राज्य में स्थित अन्य हवाईअड्डों से आरसीएस हवाई उड्डानों के लिए तीन वर्ष के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की बिक्त्रस्ी पर वैट की दर को घटाकर एक प्रतिशत या इससे कम किया जाएगा।
जनता दर्द कब समझेगी सरकार : शमशेर
कंर्सोटियम ऑफ इंडियन पेट्रोल पंप के ऑल इंडिया प्रेजिडेंट शमेशर सिंह ने बताया कि विमानों के टरबाइन ईंधन पर सरकार ने वैट तीन साल के लिए 95 फीसद कम कर दिया है, ये अच्छी बात है। लेकिन आम जनता का दर्द सरकार कब जानेगी। उनके अनुसार हरियाणा में वर्ष 2015 तक पेट्रोल- डीजल पर वैट दर कम थी, जो तीन सालों में काफी बढ़ी है। सरकार को अब पेट्रोल-डीजल के वैट को भी इसी दर से कम करके आमजनता के लिए भी साहसिक कदम उठाना चाहिए।
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भले ही हरियाणा सरकार का ये फैसला विमानन कंपनियों और उन खास लोगों के लिए बड़ी राहत है, जिनके पास अपने निजी जैट विमान व हेलीकाप्टर मौजूद हैं। लेकिन प्रदेश की आम जनता के लिए ये निर्णय उन परिस्थितियों में बेहद चौंकाने वाला है। जब प्रदेश की जनता पर अपने वाहनों के लिए महंगे पेट्रोल और डीजल की मार बरकरार चल रही है।
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बार-बार जनता की मांग के बावजूद हरियाणा सरकार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर तो वैट कम नहीं कर रही है, लेकिन विमानों के तेल पर 95 प्रतिशत वैट कम करके विमानन कंपनियों को बड़ी राहत जरूर दे दी है।
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सूबे में बहुत कम है विमानों के तेल की बिक्री
वर्तमान स्थिति यदि देखें तो दिन में जनता पेट्रोल और डीजल की बिक्री वाहन चालक करते हैं, उसके मुकाबले विमानों के इस खास तेल एविएशन टरबाइन फ्यूल की बिक्री बहुत ही कम है। हरियाणा के करीबन 2536 पेट्रोल पंपों पर रोजाना औसतन लगभग 12.68 करोड़ लीटर तेल की रोजाना बिक्री होती है। प्रदेश में आज भी पेट्रोल पर 26.25 और डीजल पर है 17.2 प्रतिशत वैट वसूला जाता है। जिससे तेल का रेट और महंगा है। मगर बावजूद इसके सरकार पेट्रोल-डीजल पर तो वैट कम कर जनता को राहत देने के मूड में नहीं है। लेकिन विमानों का तेल जिसकी बिक्री बहुत ही कम है, उस पर वैट 20 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर सरकार ने वाहन चालकों को चौका दिया है।
सरकार का पक्ष, एयरलाइंस परिचालनों की लागत कम होगी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी व सीएम के मीडिया एडवाइजर राजीव जैन ने बताया कि भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को वहनीय बनाकर इसे सुविधाजनक बनाने के लिए आरसीएस-उड़ान शुरू करने जा रही है। यह योजना क्षेत्रीय मार्गों या अन्य समर्थन उपायों पर एयरलाइन परिचालनों की लागत को कम करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और हवाईअड्डा ऑपरेटरों द्वारा एयरलाइन ऑपरेटरों को रियायतों के माध्यम से सहयोग देगी।
हरियाणा सरकार ने भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, अध्यक्ष, भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौता ज्ञापन के तहत, आरसीएस हवाईअड्डों (जैसा कि सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है) पर और राज्य में स्थित अन्य हवाईअड्डों से आरसीएस हवाई उड्डानों के लिए तीन वर्ष के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की बिक्त्रस्ी पर वैट की दर को घटाकर एक प्रतिशत या इससे कम किया जाएगा।
जनता दर्द कब समझेगी सरकार : शमशेर
कंर्सोटियम ऑफ इंडियन पेट्रोल पंप के ऑल इंडिया प्रेजिडेंट शमेशर सिंह ने बताया कि विमानों के टरबाइन ईंधन पर सरकार ने वैट तीन साल के लिए 95 फीसद कम कर दिया है, ये अच्छी बात है। लेकिन आम जनता का दर्द सरकार कब जानेगी। उनके अनुसार हरियाणा में वर्ष 2015 तक पेट्रोल- डीजल पर वैट दर कम थी, जो तीन सालों में काफी बढ़ी है। सरकार को अब पेट्रोल-डीजल के वैट को भी इसी दर से कम करके आमजनता के लिए भी साहसिक कदम उठाना चाहिए।