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...जब पूर्व जस्टिस बोले, ‘हरियाणा सरकार नहीं कर रही वेतन-भत्ते का भुगतान’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:42 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस इकबाल सिंह ने याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार द्वारा वेतन, भत्ते और सुविधाएं न दिए जाने की बात कही है। हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें 2014 में गुरुद्वारा इलेक्शन के लिए कमिश्नर नियुक्त किया गया था। जस्टिस इकबाल सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जस्टिस इकबाल सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि हरियाणा सरकार ने 26 अगस्त 2014 को उनकी नियुक्ति बतौर कमिश्नर गुरुद्वारा इलेक्शन की थी। नियुक्ति की शर्त के अनुसार उनको वो सभी सुविधाएं मिलनी थीं, जो एक हाईकोर्ट के वर्तमान जज को मिलती है। याची ने कहा कि नियुक्ति के कुछ दिन बाद ही उनको दी जाने वाली सुविधाओं को कम करना शुरू कर दिया गया। सरकारी कार तो सरकार ने दे दी लेकिन अन्य सुविधाओं के लिए टालमटोल शुरू कर दी। यहां तक की उन्होंने कार ड्राइवर का वेतन भी अपनी जेब से दिया है।
जस्टिस इकबाल सिंह ने कहा कि जो सुविधाएं उन्हें सरकार की ओर से दी जानी चाहिए थी, उसके लिए उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। याची ने जब सरकार से इन खर्च का भुगतान करने, भत्ते और वेतन देने की मांग की तो सरकार ने कहा कि उनकी नियुक्ति के लिए कोई वेतन और अन्य भत्ते तय नहीं थे। जस्टिस इकबाल सिंह ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि वो सरकार को उनके वेतन और भत्ते देने का आदेश दे। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार समेत सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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जस्टिस इकबाल सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि हरियाणा सरकार ने 26 अगस्त 2014 को उनकी नियुक्ति बतौर कमिश्नर गुरुद्वारा इलेक्शन की थी। नियुक्ति की शर्त के अनुसार उनको वो सभी सुविधाएं मिलनी थीं, जो एक हाईकोर्ट के वर्तमान जज को मिलती है। याची ने कहा कि नियुक्ति के कुछ दिन बाद ही उनको दी जाने वाली सुविधाओं को कम करना शुरू कर दिया गया। सरकारी कार तो सरकार ने दे दी लेकिन अन्य सुविधाओं के लिए टालमटोल शुरू कर दी। यहां तक की उन्होंने कार ड्राइवर का वेतन भी अपनी जेब से दिया है।
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जस्टिस इकबाल सिंह ने कहा कि जो सुविधाएं उन्हें सरकार की ओर से दी जानी चाहिए थी, उसके लिए उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। याची ने जब सरकार से इन खर्च का भुगतान करने, भत्ते और वेतन देने की मांग की तो सरकार ने कहा कि उनकी नियुक्ति के लिए कोई वेतन और अन्य भत्ते तय नहीं थे। जस्टिस इकबाल सिंह ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि वो सरकार को उनके वेतन और भत्ते देने का आदेश दे। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार समेत सभी प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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