फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government is going to make law to ban protests with dead bodies

Haryana: हरियाणा में अब शव लेकर नहीं कर सकेंगे सड़क जाम और धरना- प्रदर्शन, कानून लाएगी सरकार

Fri, 17 Nov 2023 08:16 AM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 17 Nov 2023 08:16 AM IST
सार

हरियाणा के विभिन्न जिलों से अक्सर शव को लेकर सड़क पर जाम लगाने व विरोध प्रदर्शन करने की खबरें आती रहती हैं। दो दिन पहले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर के शव को लेकर प्रदर्शन किया गया। बिल के मुताबिक विरोध प्रदर्शन की स्थिति में परिजनों को शव को अपने कब्जे में लेकर उसका समय पर अंतिम संस्कार करना होगा। 

विज्ञापन
Haryana Government is going to make law to ban protests with dead bodies
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : ANI

विस्तार

हरियाणा में शव को लेकर विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार कानून बनाने जा रही है। इस कानून के तहत सार्वजनिक जगहों पर शव के साथ विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा। इसके लिए राज्य सरकार हरियाणा मृत शरीर का सम्मान विधेयक 2023 तैयार कर रही है। इसमें शव के साथ प्रदर्शन करने पर सजा के साथ जुर्माने का प्रावधान होगा। 
विज्ञापन


विरोध प्रदर्शन की आशंका पर इसमें पुलिस को शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई करनी होगी। बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार इस कानून को शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। हरियाणा के विभिन्न जिलों से अक्सर शव को लेकर सड़क पर जाम लगाने व विरोध प्रदर्शन करने की खबरें आती रहती हैं। दो दिन पहले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर के शव को लेकर प्रदर्शन किया गया। कुछ दिन पहले भिवानी में भी हत्या के एक मामले में शव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद से ही गृह विभाग ने इस बिल पर काम करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


एक साल की सजा व 50 हजार रुपये तक होगा जुर्माना
बिल के मुताबिक विरोध प्रदर्शन की स्थिति में परिजनों को शव को अपने कब्जे में लेकर उसका समय पर अंतिम संस्कार करना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं और शव का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शन में करते हैं तो एक साल तक की कारावास की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्मान लगाया जाएगा। यदि कोई संगठन या परिवार से बाहर लोग भी प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान में बिल में किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


शव को नहीं लेने पर प्रशासन करेगा अंतिम संस्कार
यदि परिजन शव नहीं लेते हैं और विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहते हैं तो अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। स्थानीय एसएचओ लगता है कि शव का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शन के लिए हो सकता है तो इसकी जानकारी तुरंत उसे अपने डीएसपी को देनी होगी। डीएसपी आगामी कार्रवाई के लिए एसडीएम को सूचित करेंगे। एसडीएम व डीएसपी मिलकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों से संपर्क कर उनसे अंतिम संस्कार के लिए आग्रह करेंगे। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो जिला प्रशासन को 12 घंटे के भीतर शव का अंतिम संस्कार करना होगा।


राजस्थान में बन चुका है कानून
राजस्थान में यह कानून पहले ही लागू हो चुका है। इस कानून के तहत शव के साथ प्रदर्शन करने पर मुकदमे दर्ज होते हैं। इसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इस बिल में यह भी व्यवस्था की गई है कि शव के साथ हो रहे धरना प्रदर्शन में यदि कोई नेता शामिल होता है तो उसे पांच साल तक सजा हो सकती है। हालांकि राजस्थान सरकार जब यह कानून लाई तो इसका काफी विरोध हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed