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हरियाणाः उच्च योग्यता हासिल करने पर महकमे दे रहे अतिरिक्त इंक्रीमेंट, सरकार कर चुकी है बंद
Tue, 30 Jun 2020 11:49 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 30 Jun 2020 11:49 AM IST
सार
- जनवरी 2018 में सरकार ने लगा दी थी रोक, ब्योरा तलब
- सभी विभागों को 6 जुलाई तक देनी होगी लाभान्वित कर्मचारियों की सूची
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
हरियाणा सरकार की रोक के बावजूद कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी जा रही है। महकमे मनमानी करते हुए कर्मचारियों को इंसेंटिव के तौर पर दिया जाने वाला यह लाभ दे रहे हैं। चुनिंदा विभागों के सर्विस रूल्स में ही इसका प्रावधान है, जिन्हें सरकार ने पहले ही छूट दी हुई है। जिनके रूल्स में इसका प्रावधान नहीं, उन विभागों के कर्मचारियों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने पर सरकार ने 17 जनवरी 2018 को रोक लगा दी थी।
बावजूद इसके कई विभाग कर्मचारियों को यह लाभ दे रहे हैं। अब मामला मुख्य सचिव कार्यालय की पकड़ में आ गया है। मुख्य सचिव कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा है। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, डीसी, बोर्ड, निगमों के मुख्य प्रशासक व प्रबंध निदेशकों और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार से 6 जुलाई 2020 तक रिपोर्ट तलब की है।
जिसमें सभी को बताना होगा कि 17 जनवरी 2018 के बाद कितने कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी गई है। अगर किसी विभाग के सर्विस रूल्स में यह वित्तीय लाभ देने का प्रावधान है तो उसकी कॉपी भी लाभान्वित कर्मचारियों की सूची के साथ भेजनी होगी। जिन विभागों ने बिना प्रावधान अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी है, उनसे रिकवरी के आदेश आने वाले दिनों में जारी हो सकते हैं।
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बावजूद इसके कई विभाग कर्मचारियों को यह लाभ दे रहे हैं। अब मामला मुख्य सचिव कार्यालय की पकड़ में आ गया है। मुख्य सचिव कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा है। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, डीसी, बोर्ड, निगमों के मुख्य प्रशासक व प्रबंध निदेशकों और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार से 6 जुलाई 2020 तक रिपोर्ट तलब की है।
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जिसमें सभी को बताना होगा कि 17 जनवरी 2018 के बाद कितने कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने पर अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी गई है। अगर किसी विभाग के सर्विस रूल्स में यह वित्तीय लाभ देने का प्रावधान है तो उसकी कॉपी भी लाभान्वित कर्मचारियों की सूची के साथ भेजनी होगी। जिन विभागों ने बिना प्रावधान अतिरिक्त इंक्रीमेंट दी है, उनसे रिकवरी के आदेश आने वाले दिनों में जारी हो सकते हैं।
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ऐसे तय होती है अतिरिक्त इंक्रीमेंट
किसी कर्मचारी ने नौकरी के साथ कोई डिग्री या दक्षता हासिल की तो उसे इंक्रीमेंट दी जाती है। जैसे एमए की डिग्री की तो 3 फीसदी वेतन अतिरिक्त इंक्रीमेंट से बढ़ जाएगा। इसी तरह अगर कोई कर्मचारी एमए, एमफिल या पीएचडी कर लेता है तो वह तीन अलग-अलग इंक्रीमेंट का पात्र होगा। शिक्षा विभाग में ऐसे भी कर्मचारी हैं, जिन्होंने ये तीनों डिग्री हासिल की, लेकिन एक भी अतिरिक्त इंक्रीमेंट नहीं मिली।
इंक्रीमेंट देने में पिक एंड चूज : भूप सिंह
हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के प्रेस प्रवक्ता भूप सिंह भारती ने कहा कि विभागों में चहेतों को ही यह अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाता है। उन्होंने खुद नौकरी के साथ डिग्री हासिल की, लेकिन कोई इंसेंटिव नहीं मिला। बिना प्रावधान इंक्रीमेंट देने वालों पर कार्रवाई हो।
इंक्रीमेंट देने में पिक एंड चूज : भूप सिंह
हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के प्रेस प्रवक्ता भूप सिंह भारती ने कहा कि विभागों में चहेतों को ही यह अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाता है। उन्होंने खुद नौकरी के साथ डिग्री हासिल की, लेकिन कोई इंसेंटिव नहीं मिला। बिना प्रावधान इंक्रीमेंट देने वालों पर कार्रवाई हो।