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कोरोना महामारीः हरियाणा में गृह एकांतवास में अधिकारियों की सीधी निगरानी में रखे गए संक्रमित
Sat, 19 Sep 2020 10:25 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:25 AM IST
सार
- निदेशक एनएचएम की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय गृह एकांतवास निगरानी समिति गठित
- 22 जिलों में चार नोडल अधिकारी लगाए, जिलों से रिपोर्ट न आने पर होगी कड़ी कार्रवाई
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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विस्तार
हरियाणा में गृह एकांतवास में रखे गए कोरोना संक्रमित अब सीधे चंडीगढ़, पंचकूला में बैठे स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की निगरानी में होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य राजीव अरोड़ा ने सभी जिलों के ऐसे मरीजों के स्वास्थ्य की पूरी देखभाल करने के लिए राज्य स्तरीय गृह एकांतवास निगरानी समिति गठित कर दी है। इसके प्रभारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक होंगे, जबकि उनका साथ देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सा के निदेशक डॉ. वीके बंसल को लगाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने 22 जिलों के लिए चार दैनिक निगरानी सह नोडल अधिकारी भी लगाए हैं। ये रोजाना मिशन निदेशक व डॉ. बंसल को रिपोर्ट करेंगे। सभी सिविल सर्जन को सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने जिले की रोजाना प्रगति रिपोर्ट शाम चार बजे तक भेजेंगे। अगर रिपोर्ट नहीं आती है तो उसे निल माना जाएगा। संबंधित जिले के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिला नोडल अधिकारी खुद भी जिला स्तरीय निगरानी टीमों से संपर्क स्थापित करने के अलावा गृह एकांतवास में रखे मरीजों से फोन पर बात करेंगे।
उनके स्वास्थ्य के बारे व सेहत में हो रहे सुधार की जानकारी ली जाएगी। चारों नोडल अधिकारी इसकी रिपोर्ट मुख्यालय में डॉ. अलका गर्ग को भेजेंगे। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट को वह संकलित कर उच्च अधिकारियों को भेजेंगी। नोडल अधिकारी अपने जिलों का व्हाट्सएप समूह भी बनाएंगे, जिसमें जिला स्तरीय निगरानी टीमों के मरीजों के घर जाने की फोटो अपलोड की जाएंगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने 22 जिलों के लिए चार दैनिक निगरानी सह नोडल अधिकारी भी लगाए हैं। ये रोजाना मिशन निदेशक व डॉ. बंसल को रिपोर्ट करेंगे। सभी सिविल सर्जन को सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने जिले की रोजाना प्रगति रिपोर्ट शाम चार बजे तक भेजेंगे। अगर रिपोर्ट नहीं आती है तो उसे निल माना जाएगा। संबंधित जिले के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिला नोडल अधिकारी खुद भी जिला स्तरीय निगरानी टीमों से संपर्क स्थापित करने के अलावा गृह एकांतवास में रखे मरीजों से फोन पर बात करेंगे।
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उनके स्वास्थ्य के बारे व सेहत में हो रहे सुधार की जानकारी ली जाएगी। चारों नोडल अधिकारी इसकी रिपोर्ट मुख्यालय में डॉ. अलका गर्ग को भेजेंगे। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट को वह संकलित कर उच्च अधिकारियों को भेजेंगी। नोडल अधिकारी अपने जिलों का व्हाट्सएप समूह भी बनाएंगे, जिसमें जिला स्तरीय निगरानी टीमों के मरीजों के घर जाने की फोटो अपलोड की जाएंगी।
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जिला अनुसार ये बनाए नोडल अधिकारी
. डॉ. सरिता यादव - पंचकूला, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, महेंद्रगढ़।
. डॉ. सिम्मी वर्मा - यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, हिसार।
. डॉ. अलका गर्ग - नूंह, पलवल, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, अंबाला।
. डॉ. सुमित मोर - करनाल, चरखी दादरी, पानीपत, सिरसा, भिवानी, फतेहाबाद।
. डॉ. सिम्मी वर्मा - यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, कैथल, हिसार।
. डॉ. अलका गर्ग - नूंह, पलवल, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, अंबाला।
. डॉ. सुमित मोर - करनाल, चरखी दादरी, पानीपत, सिरसा, भिवानी, फतेहाबाद।