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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, खेल महाकुंभ के विजेताओं को दी जाएगी डी श्रेणी की पक्की नौकरी
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:11 PM IST
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मनोहर लाल खट्टर और अनिल विज
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार ने खेल महाकुंभ के विजेताओं को बड़ी सौगात देने का निर्णय लिया है। इस साल से खेल महाकुंभ के विजेता खिलाड़ियों को सरकार डी श्रेणी की नौकरी देगी। खेल नीति के प्रावधान अनुसार खेल विभाग विजेता खिलाड़ियों को ग्रेडेशन प्रमाण पत्र देगा। खेल महाकुंभ में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में से जितने भी विजेता खिलाड़ी उन्हें खेल विभाग की ओर से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा, इसके आधार पर ही डी श्रेणी की नौकरी मिलेगी।
विजेता खिलाड़ियों में से साठ फीसदी की नौकरी खेल विभाग पक्का मानकर चल रहा है। चूंकि, विजेताओं में से अनेक खिलाड़ी साधारण परिवार से संबंध रखने वाले होते हैं, जबकि तीस से चालीस फीसदी खिलाड़ी धनाढ़य परिवारों के महाकुंभ में जीत दर्ज करते हैं। जोकि डी श्रेणी की नौकरी किसी सूरत में ज्वाइन नहीं करेंगे। प्रदेश सरकार 23 से 25 अक्टूबर तक खेल महाकुंभ का आयोजन प्रदेश के सात जिलों में करने जा रही थी, लेकिन रोडवेज हड़ताल के चलते इसे आगे टाल दिया गया है।
नई तिथियां रोडवेज हड़ताल के खत्म होने के बाद तय की जाएंगी। अंबाला, पंचकूला, करनाल, रोहतक, भिवानी, गुरुग्राम व हिसार जिलों में खेल महाकुंभ आयोजित किया जाना है। इसमें विभिन्न खेलों में 75सौ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में जिमनास्टिक, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबाल, जूडो, हॉकी, रेस्लिंग, बॉक्सिंग, कबड्डी, हैंडबाल, तीरंदाजी, फुटबाल, बास्केटबाल स्पर्धाएं होनी हैं।
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इस बार 22 करोड़ के बजाए मात्र 5 करोड़ बजट
खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने बताया कि इस बार मात्र पांच करोड़ रुपये में खेल महाकुंभ का आयोजन संपन्न करने जा रहा है। जिला स्तर पर हुए खेल महाकुंभ पर तीन करोड़ 79 लाख 72 हजार रुपये अनुमानित खर्च आया है, जबकि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ पर 1 करोड़ 33 लाख 23 हजार 200 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पहली बार मिलेगा ग्रेडेशन प्रमाण पत्र : विज
खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार खेल नीति में संशोधन अनुसार खेल महाकुंभ के विजेताओं को पहली बार ग्रेडेशन प्रमाण पत्र देगी। इसके आधार पर खिलाड़ी डी श्रेणी की नौकरी पा सकेंगे। सरकार का यह बड़ा कदम है।
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विजेता खिलाड़ियों में से साठ फीसदी की नौकरी खेल विभाग पक्का मानकर चल रहा है। चूंकि, विजेताओं में से अनेक खिलाड़ी साधारण परिवार से संबंध रखने वाले होते हैं, जबकि तीस से चालीस फीसदी खिलाड़ी धनाढ़य परिवारों के महाकुंभ में जीत दर्ज करते हैं। जोकि डी श्रेणी की नौकरी किसी सूरत में ज्वाइन नहीं करेंगे। प्रदेश सरकार 23 से 25 अक्टूबर तक खेल महाकुंभ का आयोजन प्रदेश के सात जिलों में करने जा रही थी, लेकिन रोडवेज हड़ताल के चलते इसे आगे टाल दिया गया है।
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नई तिथियां रोडवेज हड़ताल के खत्म होने के बाद तय की जाएंगी। अंबाला, पंचकूला, करनाल, रोहतक, भिवानी, गुरुग्राम व हिसार जिलों में खेल महाकुंभ आयोजित किया जाना है। इसमें विभिन्न खेलों में 75सौ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में जिमनास्टिक, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, वॉलीबाल, जूडो, हॉकी, रेस्लिंग, बॉक्सिंग, कबड्डी, हैंडबाल, तीरंदाजी, फुटबाल, बास्केटबाल स्पर्धाएं होनी हैं।
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इस बार 22 करोड़ के बजाए मात्र 5 करोड़ बजट
खेल विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका ने बताया कि इस बार मात्र पांच करोड़ रुपये में खेल महाकुंभ का आयोजन संपन्न करने जा रहा है। जिला स्तर पर हुए खेल महाकुंभ पर तीन करोड़ 79 लाख 72 हजार रुपये अनुमानित खर्च आया है, जबकि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ पर 1 करोड़ 33 लाख 23 हजार 200 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पहली बार मिलेगा ग्रेडेशन प्रमाण पत्र : विज
खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार खेल नीति में संशोधन अनुसार खेल महाकुंभ के विजेताओं को पहली बार ग्रेडेशन प्रमाण पत्र देगी। इसके आधार पर खिलाड़ी डी श्रेणी की नौकरी पा सकेंगे। सरकार का यह बड़ा कदम है।