Haryana: अनिल विज का आग्रह दरकिनार, एमबीबीएस की नई बांड पॉलिसी को सीएम की मंजूरी, जल्दी जारी होगी अधिसूचना
एमबीबीएस बांड पालिसी को लेकर 1 नवंबर से प्रदेशभर के मेडिकल विद्यार्थी आंदोलन पर हैं। पॉलिसी में संशोधन को लेकर विद्यार्थियों और सरकार के बीच तीन स्तर की बैठकें हुई। अंतिम बैठक 30 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हरियाणा निवास में हुई थी।
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हरियाणा सरकार ने एमबीबीएस की नई बांड पालिसी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को इस पर मुहर लगा दी। आगामी दो दिन में संशोधित पालिसी की अधिसूचना जारी हो जाएगी। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने इसकी पुष्टि की है। आंदोलनरत विद्यार्थी पिछले 20 दिन से संशोधित पालिसी का ही इंतजार कर रहे हैं। अधिसूचना जारी होने पर ही विद्यार्थी आंदोलन को खत्म करने या जारी रखने पर फैसला लेंगे।
एमबीबीएस बांड पालिसी को लेकर 1 नवंबर से प्रदेशभर के मेडिकल विद्यार्थी आंदोलन पर हैं। पॉलिसी में संशोधन को लेकर विद्यार्थियों और सरकार के बीच तीन स्तर की बैठकें हुई। अंतिम बैठक 30 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हरियाणा निवास में हुई थी। मुख्यमंत्री ने पहली वाली बांड पॉलिसी में राहत देते हुए विद्यार्थियों को आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। नई पालिसी के तहत बांड अवधि सात साल से घटाकर पांच साल और राशि 40 लाख से घटाकर 30 लाख निर्धारित की गई है। एमबीबीएस की डिग्री करने वालों को एक साल के अंदर अनुबंध के आधार पर नौकरी देने की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विद्यार्थियों को नई पालिसी की पेशकश करते हुए कहा कि जल्द इसको अधिसूचित कर दिया जाएगा। हालांकि, पालिसी को संशोधित करने में 20 दिन का समय लग गया। अब नई पालिसी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुहर लगा दी है। आगामी दो दिनों में यह पालिसी जारी होने की संभावना है।
विज की सिफारिश दरकिनार
नई बांड पालिसी को एक साल तक टालने के प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा था। पत्र में विज ने आग्रह किया था कि इस साल से पालिसी को लागू न किया जाए। हालांकि, सीएमओ आफिस ने विज के आग्रह को दरकिनार करके नई पालिसी को विज के पास दोबारा से भेजा था, जिस पर विज ने ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर कर दिए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी नई पालिसी पर मुहर लगा दी, ताकि इस पालिसी को इसी साल से लागू किया जा सके।
नई पालिसी में ये होगा
- बॉन्ड एग्रीमेंट की समय सीमा पांच साल होगी
- पांच वर्ष में पीजी की पढ़ाई को भी शामिल किया है, उनके लिए समय सीमा दो साल होगी
- बॉन्ड राशि 30 लाख की होगी, इसमें से संस्थान की फीस से छूट रहेगी
- बॉन्ड राशि में लड़कियों के लिए 10 फीसदी की छूट रहेगी
- एमबीबीएस छात्र के साथ कोई अनहोनी होने पर परिवार बॉन्ड राशि भरने के लिए बाध्य नहीं होगा
विद्यार्थियों को है अधिसूचना का इंतजार
पीजीआई रोहतक समेत अन्य मेडिकल कालेजों में आंदोलनरत मेडिकल विद्यार्थियों को पालिसी की अधिसूचना का इंतजार है। एमबीबीएस विद्यार्थी पंकज बिट्टू, प्रिया कौशिक का कहना है कि वह 20 दिन से अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। अधिसूचना जल्द जारी करने के लिए एमबीबीएस विद्यार्थियों ने सरकार को ज्ञापन भेजा है। अधिसूचना का अध्ययन करने के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
एमबीबीएस की संशोधित बांड पालिसी को मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल गई है। अधिसूचना जारी करने की तैयारी चल रही है। छात्रों के साथ जो बैठक हुई थी, उसके अनुसार ही पालिसी में संशोधन किया गया है। - वी उमाशंकर, प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री।