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खुलासाः एयर क्राफ्ट्स की खरीद पर लगी रोक, फ्लाइंग क्लबों को ठेके पर देने की तैयारी

Thu, 14 Jun 2018 03:44 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 14 Jun 2018 03:44 PM IST
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haryana flying clubs will give in contract, no purchasing of aircrafts
सेसना-172
हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन (हिका) के तीन फ्लाइंग क्लबों के लिए तीन नए एयरक्राफ्ट्स खरीदने की योजना फिलहाल खटाई में पड़ गई है। इन एयर क्राफ्ट्स की खरीद पर सरकार ने न केवल ब्रेक लगा दी है, बल्कि इन फ्लाइंग क्लबों को ठेके पर देने की तैयारी भी कर ली है।
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सरकार का दावा है कि ये कदम इन फ्लाइंग क्लबों से होने वाली आय को और बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हरियाणा सिविल एविएशन विभाग के तीन क्लबों  पिंजौर, करनाल और हिसार में अभी युवाओं की ट्रेनिंग के लिए 7 एयर काफ्ट्स हैं। सरकार ने 3 और सेसना-172 एसजेटीए एयर क्राफ्ट्स खरीदने की तैयारी कर ली थी। ये एयर क्राफ्ट्स नवीनतम संस्करणों के खरीदे जाने थे, जिससे इनकी प्रति घंटा लागत व्यय भी कम होती।
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कुछ माह पूर्व पब्लिक अकाउंट कमेटी (पीएसी) की मीटिंग में भी एक सवाल के जवाब में आश्वस्त किया था कि विभाग फ्लाइंग ट्रेनिंग केलिए 3 नए एयरक्राफ्ट्स जल्द ही खरीदने वाला है। इसका प्रस्ताव तैयार कर सीएम के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। लेकिन ये सारी एक्सरसाइज पूरी होने के बाद अचानक एयरक्राफ्ट्स खरीद का फैसला पलट दिया गया। सरकार अब नए एयरक्राफ्ट खरीदने की बजाय अपने फ्लाइंग क्लबों को ही ठेके पर देना चाहती है।
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कल्पना चावला ने भी यहीं से सीखी थी फ्लाइंग

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कल्पना चावला
हरियाणा के फ्लाइंग क्लबों की धाक पूरे देश में हैं। बहुत से युवा यहां से ट्रेनिंग लेकर देश-विदेश की नामी एयरलाइंस में बतौर पॉयलट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अंतरिक्ष परी कल्पना चावला भी करनाल फ्लाइंग क्लब की स्टूडेंट्स रही थीं और यहीं से फ्लाइंग ट्रेनिंग लेकर वे नासा तक पहुंचीं थीं।
 
तीन बार जीत चुके हैं अवार्ड
फ्लाइंग क्लबों की परफारमेंस भी शानदार रही है। एरो क्लब ऑफ इंडिया की ओर से वर्ष 2008-09 और वर्ष 2011-12 में करनाल फ्लाइंग क्लब और वर्ष 2014-15 में हिसार शाखा आल इंडिया स्तर ‘मैक्सिमम नंबर ऑफ डेज फ्लाइंग अचीवमेंट्स एंड यूटिलिटी ऑफ एयरक्राफ्ट्स’ ट्राफी जीत चुकी है।

फिलहाल नए एयरक्राफ्ट्स अभी नहीं खरीदे जाएंगे, क्योंकि इन फ्लाइंग क्लबों को ही आउट सोर्सिंग पर दिए जाने का विचार चल रहा है। ताकि इनकी आय बढ़ाई जा सके। दूसरे राज्यों में भी इस बारे में स्टडी चल रही है।
- देवेंद्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग, हरियाणा
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