{"_id":"640186a17f5a9693b60bccf5","slug":"haryana-employees-commission-gave-extra-marks-to-ineligible-applicants-haryana-police-constable-recruitment-2023-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: हरियाणा पुलिस की सिपाही भर्ती में 93 अयोग्यों को दिए अतिरिक्त अंक, अपात्र आवेदकों को हटाने पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: हरियाणा पुलिस की सिपाही भर्ती में 93 अयोग्यों को दिए अतिरिक्त अंक, अपात्र आवेदकों को हटाने पर रोक
Fri, 03 Mar 2023 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 03 Mar 2023 11:03 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर रिकॉर्ड के पेश न करने पर आयोग पर दो लाख जुर्माना लगाया था। अब दोबारा सुनवाई आरंभ होते ही हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन कोर्ट में पेश हुए और इसके साथ ही भर्ती के परिणाम से जुड़ा रिकॉर्ड पेश किया गया।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा पुलिस की सिपाही भर्ती में 93 अयोग्य आवेदकों को 5-5 अतिरिक्त अंक दिए गए हैं। यह बात हरियाणा कर्मचारी आयोग ने हाईकोर्ट के समक्ष मानी है। साथ ही अन्य अपात्र आवेदकों का पता लगाकर संशोधित परिणाम पेश करने की अनुमति मांगी। इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपात्र आवेदकों को सेवा से हटाने पर रोक का आदेश जारी रखते सुनवाई टाल दी है।
याचिकाकर्ताओं ने एडवोकेट मजलिज खान व अन्य के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए सिपाही पद पर नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में बताया गया कि उन्हें माता-पिता की मृत्यु के आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त पांच अंकों के लाभ से वंचित कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार वह इन पांच अंकों के लिए पात्र भी थे, लेकिन पिक एंड चूज की नीति अपनाते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है। ऑनलाइन आवेदन देने के बारे में विवरण में यह जानकरी नहीं थी कि माता और पिता दोनों की मृत्य का विवरण पेश करना अनिवार्य है।
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर रिकॉर्ड के पेश न करने पर आयोग पर दो लाख जुर्माना लगाया था। अब दोबारा सुनवाई आरंभ होते ही हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन कोर्ट में पेश हुए और इसके साथ ही भर्ती के परिणाम से जुड़ा रिकॉर्ड पेश किया गया। कोर्ट को बताया गया कि दो लाख रुपये जुर्माना राशि जमा करवा दी गई है। कोर्ट को बताया गया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि ऐसे 93 आवेदक हैं जिन्हें अपात्र होने के बावजूद पांच अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया है। हालांकि कोर्ट से समय देने की मांग की गई ताकि पता लगाया जा सके कि सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के तहत कुल कितने उम्मीदवारों को लाभ दिया गया है। इन सभी को दिए गए अतिरिक्त अंकों में कटौती कर नए सिरे से परिणाम बनाया जाएगा।
विज्ञापन
कोर्ट को बताया गया कि अधिकतर पुलिस कर्मी प्रशिक्षण पूरा कर चार वर्ष से काम कर रहे हैं। कोर्ट ने आयोग से पूछा कि क्या याचिकाकर्ताओं को भी इन पांच अतिरिक्त अंक का लाभ दिया जा सकता है। इस पर आयोग ने जवाब दिया कि पूरे परिणाम पर विचार कर इसमें संशोधन किया जाएगा और उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने आयोग को नौ मार्च को इस बाबत पूरी जानकारी देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं ने एडवोकेट मजलिज खान व अन्य के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए सिपाही पद पर नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में बताया गया कि उन्हें माता-पिता की मृत्यु के आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त पांच अंकों के लाभ से वंचित कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार वह इन पांच अंकों के लिए पात्र भी थे, लेकिन पिक एंड चूज की नीति अपनाते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है। ऑनलाइन आवेदन देने के बारे में विवरण में यह जानकरी नहीं थी कि माता और पिता दोनों की मृत्य का विवरण पेश करना अनिवार्य है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर रिकॉर्ड के पेश न करने पर आयोग पर दो लाख जुर्माना लगाया था। अब दोबारा सुनवाई आरंभ होते ही हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन कोर्ट में पेश हुए और इसके साथ ही भर्ती के परिणाम से जुड़ा रिकॉर्ड पेश किया गया। कोर्ट को बताया गया कि दो लाख रुपये जुर्माना राशि जमा करवा दी गई है। कोर्ट को बताया गया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि ऐसे 93 आवेदक हैं जिन्हें अपात्र होने के बावजूद पांच अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया है। हालांकि कोर्ट से समय देने की मांग की गई ताकि पता लगाया जा सके कि सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के तहत कुल कितने उम्मीदवारों को लाभ दिया गया है। इन सभी को दिए गए अतिरिक्त अंकों में कटौती कर नए सिरे से परिणाम बनाया जाएगा।
विज्ञापन
कोर्ट को बताया गया कि अधिकतर पुलिस कर्मी प्रशिक्षण पूरा कर चार वर्ष से काम कर रहे हैं। कोर्ट ने आयोग से पूछा कि क्या याचिकाकर्ताओं को भी इन पांच अतिरिक्त अंक का लाभ दिया जा सकता है। इस पर आयोग ने जवाब दिया कि पूरे परिणाम पर विचार कर इसमें संशोधन किया जाएगा और उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने आयोग को नौ मार्च को इस बाबत पूरी जानकारी देने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।