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Haryana Result: बागियों ने फिर बिगाड़ा खेल... कहीं दल-बदलू भी जीते; इन दो की बनी बात तो ये दो फिर खाली हाथ

Wed, 09 Oct 2024 10:12 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 09 Oct 2024 10:12 AM IST
सार

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर बागियों ने खेल बिगाड़ा। पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली और गोंदर जीत नहीं सके। गौतम और रामकरण काला दल बदलकर फिर जीत गए।

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Haryana Election Result Devendra Kadiyan Savitri Jindal vs Vinesh Phogat Win From Julana Seat
Haryana Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा विधानसभा के इस चुनाव में भी बागियों और निर्दलीयों ने दलों का खेल बिगाड़ा। भाजपा के दो बागी देवेंद्र कादियान और सावित्री जिंदल चुनाव जीतने में कामयाब रहे। वहीं, जुलाना से भाजपा के बागी डॉ. सुरेंद्र लाठर इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़े और यहां भाजपा का खेल बिगाड़ दिया। वह खुद नहीं जीत पाए, लेकिन उन्होंने विनेश फोगाट की राह आसान कर दी।
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इस बार भाजपा के 16 बागी थे, लेकिन भाजपा बड़े बागियों को मनाने में कामयाब रही और आठ बागी चुनाव लड़ रहे थे, जबकि कांग्रेस के 24 बागी मैदान में थे। कांग्रेस के बागियों ने अपनी ही पार्टी की परेशानी बढ़ाने का काम किया है। 
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अंबाला में चित्रा सरवारा के कारण कांग्रेस प्रत्याशी हार गया। उचाना में वीरेंद्र घोघड़ियां और दिलबाग संडील के कारण बृजेंद्र सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार, कांग्रेस के बागी बहादुरगढ़ से निर्दलीय राजेश जून ने भी अपना दम दिखाया। 
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ऐसे ही, पुंडरी में कांग्रेस के बागी सतबीर भाणा ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया और जीत का ताज भाजपा के सिर बंधा। पानीपत सिटी से कांग्रेस की बागी पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी और पानीपत ग्रामीण से विजय जैन ने कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ दिए। बल्लभगढ़ में कांग्रेस की बागी शारदा राठौर ने कांग्रेस प्रत्याशी को पीछे धकेल दिया।

इन बागियों का नहीं दिखा असर
भाजपा और कांग्रेस के कई ऐसे बागी भी हैं, जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उनका किसी भी पार्टी पर असर नहीं पड़ा। इनमें भाजपा के बागी बच्चन सिंह आर्य सफीदों से लड़े, लेकिन यहां भाजपा जीती। असंध में जिलेराम शर्मा, लाडवा में संदीप गर्ग और गुरुग्राम में भाजपा नवीन गोयल भाजपा के बागी थे, लेकिन यहां तीनों स्थानों पर भाजपा जीती है। 

 

इसी प्रकार, बरोदा में कांग्रेस के बागी कपूर सिंह नरवाल निर्दलीय मैदान में थे, लेकिन यहां कांग्रेस ही जीती है। कलायत से कांग्रेस की बागी अनिता ढुल और गुहला चीका से नरेश ढांडे भी निर्दलीय ताल ठोक रहे थे, लेकिन यहां दोनों स्थानों पर कांग्रेस जीती है।

 

दल बदलने के बाद दो की बनी बात... दो फिर खाली हाथ
विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं ने जमकर दल बदले। इनमें से कुछ तो विधायक बन गए हैं, लेकिन कुछ खाली हाथ हैं। जजपा छोड़कर कांग्रेस में आए रामकरण काला फिर चुनाव जीते हैं। जबकि जजपा के ही रामकुमार गौतम सफीदों से जीते हैं। निर्दलीय धर्मपाल गोंदर ने कांग्रेस ज्वाइन कर नीलोखेड़ी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।

वहीं, जजपा छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली दल बदलने पर भी जीत नहीं सके। सांसद का चुनाव हारीं सुनीता दुग्गल को विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा।

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