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हरियाणा: शिक्षा मंत्री बोले- 14 लाख बच्चों को सात दिन में देंगे किताबें खरीदने की राशि, विधानसभा में उठे ये मुद्दे

Tue, 24 Aug 2021 01:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 24 Aug 2021 01:43 AM IST
सार

मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने कई मामलों में सरकार को घेरा। मेवात स्थित आरोही स्कूलों में स्टाफ की कमी और बीपीएल पात्र लोगों को सरसों तेल के बदले पैसे नहीं मिलने का मामला जोर शोर से उठाया गया।

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Haryana Education Minister said money will given to 14 lakh children for buy books in seven days
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र। - फोटो : @DiprHaryana

विस्तार

हरियाणा में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को किताबें मुहैया न कराने पर विपक्ष ने सरकार को सदन में जमकर घेरा। मुलाना से विधायक वरुण चौधरी की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक गीता भुक्कल ने बच्चों को किताबों की जगह पैसा देने पर सवाल उठाए।

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शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि 14 लाख बच्चों को किताबें खरीदने के लिए 7 दिन में राशि दे दी जाएगी। बच्चों के 80 फीसदी खातों को सत्यापित किया जा चुका है। चौथी-पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए वर्क बुक खरीद रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी सितंबर में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। 
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वरुण चौधरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि बाजार में जब किताबें ही नहीं हैं तो बच्चे कहां से खरीदेंगे। सरकार राशि देने के बजाय बच्चों के लिए किताबें देने का प्रावधान करे। विधायक व पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि सरकार बच्चों को निशुल्क पुस्तकें मुहैया कराने में विफल रही है। अब किताबें निजी प्रकाशक छापते ही नहीं हैं तो बच्चों को बाजार में कहां से मिलेंगी।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि 3.24 लाख बच्चों ने किताबों की आपस में अदला-बदली कर ली है। स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जुटाई जानकारी के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत बच्चों के लिए किताबों का प्रबंध हो जाएगा। मुफ्त पाठ्य पुस्तकें मद के तहत पहली से पांचवीं कक्षा तक प्रति छात्र 250 रुपये व छठी से आठवीं तक प्रति छात्र 400 रुपये देंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 12 जून को हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में पुस्तकों की राशि स्थानांतरित कर दी जाए। कुल 46 करोड़ रुपये की राशि इस मद के तहत अनुमोदित की है।

आठवीं कक्षा तक की सभी कक्षाओं और सभी विषयों की ई-पुस्तकें एससीईआरटी गुरुग्राम की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक डोमेन पर उपलब्ध हैं। अगले वर्ष से पाठ्यक्रम में बदलाव की उम्मीद है इसलिए नए पाठ्यक्रम के अनुरूप नई पुस्तकें छापी जाएंगी। इस बार पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए प्रकाशकों ने 30 प्रतिशत अधिक रेट के साथ टेंडर डाले थे, कोविड के कारण उन्होंने ऐसा किया। लेकिन, वे समय पर किताबें देने में सक्षम नहीं थे।

आरोही स्कूलों में स्टाफ की कमी का मुद्दा गूंजा

मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने कई मामलों में सरकार को घेरा। मेवात स्थित आरोही स्कूलों में स्टाफ की कमी और बीपीएल पात्र लोगों को सरसों तेल के बदले पैसे नहीं मिलने का मामला जोर शोर से उठाया गया। वहीं, विश्वविद्यालयों में भाजपा-जजपा के राजनीतिक कार्यक्रम करने पर भी ऐतराज जताया। हालांकि, सरकार ने इनके ठोस जवाब दिए।

कांग्रेस विधायक मामन सिंह ने कहा कि मेवात में आरोही स्कूलों के पद खाली पड़े हैं। 5 स्कूलों में प्रिंसिपल के पद खाली हैं। एक में प्रिंसिपल था उसका भी पंचकूला तबादला कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मेवात के साथ भेदभाव कर रही है। उनके साथ गीता भुक्कल ने भी सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। 

आरोही स्कूलों के 2032 पदों को अस्वीकृत करने पर कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं तो पढ़ाई कैसे होगी। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि इस समय 36 स्कूलों में 10,673 विद्यार्थी हैं। हमने 115 नए माडल संस्कृति स्कूल खोले हैं। इस मामले में सीएम ने शिक्षा विभाग और वित्त विभाग की एक संयुक्त कमेटी बनाई है। 

बत्तरा बोले, बंद हो विवि में राजनीतिक कार्यक्रम, सीएम का जवाब, कांग्रेस भी करती रही है 
विश्वविद्यालयों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन का मामला भी गूंजा। रोहतक से विधायक बीबी बत्तरा ने कहा कि जेजेपी और भाजपा ने चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में राजनीतिक कार्यक्रम किए जो गलत है। इस पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि राजनीति में बच्चे को शामिल करना कौन सी अच्छी बात है। दूसरा राहुल गांधी भी तो विश्वविद्यालों में भाषण देने जाते हैं। 

बत्तरा द्वारा विश्वविद्यालयों में राजनीतिक कार्यक्रम बंद करने को लेकर सवाल किया गया तो खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय स्वतंत्र बाडी है, ये तय उनको करना है किसी को कार्यक्रम की इजाजत दें या नहीं। एमडीयू रोहतक में ही कांग्रेस से संगठन एनएसयूआई ने 2017 में कार्यक्रम किया। कांग्रेस के संगठन इंटक ने 17 अक्टूबर 2017 को कार्यक्रम किया। विवि ने नियम बना रखा है कि निर्धारित राशि देकर कोई भी वहां कार्यक्रम कर सकता है। 

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