फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Dengue cases down 50% malaria breaks five year record

Haryana: डेंगू के मरीजों में 50 फीसदी की कमी, मलेरिया ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ा; ये है कारण

Sat, 25 Oct 2025 04:11 PM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 25 Oct 2025 04:11 PM IST
सार

सीजन शुरू होने से पहले 26 जून 2025 को एसीएस स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक बुलाई गई, जिसमें डेंगू-मलेरिया की बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी विभागों को भूमिकाएं सौंपी गईं।

विज्ञापन
Haryana Dengue cases down 50% malaria breaks five year record
malaria - फोटो : istock

विस्तार

हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले अक्तूबर में डेंगू मरीजों की संख्या 50 फीसदी घट गई है। 23 अक्तूबर तक डेंगू मरीजों का आंकड़ा 1502 पार कर गया है। वहीं पिछले साल 23 अक्तूबर को हरियाणा में डेंगू के कुल 3015 मरीज आए थे। 

विज्ञापन


मलेरिया के केसों ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पांच साल बाद मलेरिया के मरीजों की संख्या 182 दर्ज की गई है। पिछले साल 170 मरीज, 2023 में 85, 2025 में 52, 2021 में 54, 2020 में 111 केस आए थे। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस बार ज्यादा बारिश होने और टेस्ट ज्यादा होने से मलेरिया के केस ज्यादा आए हैं। इस साल अभी तक मलेरिया के 28 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू का सीजन अभी गया नहीं है। लोगों को एहतियात बरतनी होगी।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. मनीष बंसल ने बताया कि इस बार डेंगू को नियंत्रण करने के लिए सीजन से पहले ही कदम उठा लिए गए थे। घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की पहचान और उन्मूलन के लिए गतिविधियां चलाई गईं। 15 अक्तूबर तक कुल 3.62 करोड़ घरों का दौरा किया गया, जिनमें से 2.07 लाख घरों में लार्वा पाए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीजन शुरू होने से पहले 26 जून 2025 को एसीएस स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक बुलाई गई, जिसमें डेंगू-मलेरिया की बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी विभागों को भूमिकाएं सौंपी गईं। सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय रहा। वहीं, कुछ सीएमओ ने भी अच्छा काम किया है। पिछले साल पंचकूला में हजार से ज्यादा केस थे, मगर अभी सिर्फ 71 ही केस हैं। इन सब कारणों की वजह से डेंगू पर लगाम कसी जा सकी।

डेंगू के रोगियों के लिए 255 वार्ड और 1091 बेड आरक्षित

प्रदेश में अब तक डेंगू की जांच के लिए 76613 सैंपल लिए जा चुके हैं। अभी तक डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। इस बार ब्लॉक स्तर पर भी ब्लड सैंपलिंग शुरू की गई है। इसके लिए 27 टेस्टिंग लैब्स सक्रिय हैं। डेंगू के मरीज बढ़ने की स्थिति पर सरकारी अस्पतालों में 255 वार्ड और 1091 बेड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, गमले साफ रखें। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, खुद से दवा न लें।

डेंगू के कहां कितने केस

अंबाला 8, भिवानी 22, दादरी 78, फरीदाबाद 60, फतेहाबाद 3, गुरुग्राम 55, हिसार 39, झज्जर 48, जींद 50, कैथल 34, कनाल 140, कुरुक्षेत्र 27, महेंद्रगढ़ 42, नूंह 7, पलवल 8, पंचकूला 71, पानीपत 60, रेवाड़ी 269, रोहतक 116, सिरसा 203, सोनीपत 109, यमुनानगर में 53 केस अब तक आ चुके हैं।

मलेरिया के किस साल कितने केस

2017             5696
2018             3134
2019            1497
2020             111
2021             54
2022            52
2023             85
2024             170
2025             182

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed