हरियाणा: मरीजों में तेजी से विकसित हो रही एंटीबॉडी, टूटी कोरोना की चेन, लेकिन मौत को मात नहीं
- अगस्त, सितंबर में आ चुका वायरस का पीक, अक्टूबर में संक्रमण दर घटी, लेकिन सर्दियों में दूसरे पीक की चिंता
- समीक्षा के बाद स्वास्थ्य महकमे का फैसला, कम नहीं होगी टेस्टिंग दर, रोजाना औसतन 26 हजार टेस्ट हो रहे
- दूसरे सीरो सर्वे के परिणामों के बाद बनेगी नई रणनीति, कांटेक्ट ट्रेसिंग अभियान बनेगा और मजबूत
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हरियाणा में पिछले करीब 25 दिनों से कोरोना महामारी के फैलाव पर थोड़ा अंकुश लगा है। एक ओर जहां रिकवरी रेट बढ़ा है, वहीं संक्रमण की दर भी धीरे-धीरे नीचे आई है। मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद स्वास्थ्य महकमा रिकवरी दर बढ़ने की बड़ी वजह मरीजों में तेजी से बढ़ रही एंटीबॉडी को मान रहा है। इस वजह से प्रदेश में कोरोना का ट्रांसमिशन अब अपेक्षाकृत कम रफ्तार से हो रहा है और इसका फैलाव धीरे-धीरे थम रहा है। हालांकि संक्रमण से मरीजों की मौत का सिलसिला जारी है।
इसके साथ-साथ हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के प्रयास और इस महामारी से निपटने की रणनीति भी वायरस के फैलाव को रोकने में मददगार बनी है। स्वास्थ्य महकमे का मानना है कि अगस्त, सितंबर में वायरस शिखर पर चुका है। अक्तूबर में संक्रमण की दर घट रही है लेकिन सर्दी और त्योहारी सीजन के दौरान फिर संक्रमण फैलाव की आशंका के मद्देनजर चिंता भी बरकरार है।
सीरो सर्वे का एक राउंड पूरा
कोविड-19 के मद्देनजर हरियाणा में सीरो सर्वे का एक राउंड पूरा हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 22 लाख लोग ऐसे पाए गए हैं, जिनमें एंटीबॉडी विकसित हुई। यानी वे वायरस से ग्रस्त होकर अपने आप ठीक भी हो गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना वायरस करीब चार दिन में पांच से सात मरीजों को संक्रमित करता है और इसी तरह यह चेन बढ़ती जाती है।
सीरो सर्वे कल से, 720 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे
लगभग ढाई करोड़ की आबादी वाले इस प्रदेश में और कितने लोगों में एंटी बॉडी विकसित हुई है, प्रदेश में कोविड-19 के क्या हालात हैं, यह जानने के लिए हरियाणा स्वास्थ्य महकमे ने सीरो सर्वे का दूसरा चरण शुरू करने का फैसला लिया है। इसके अंतर्गत 19 और 20 अक्तूबर को प्रदेश भर में सैंपलिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न इलाकों में 720 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। सीरो सर्वे के दूसरे राउंड के परिणामों के बाद महकमा महामारी से लड़ने की नई रणनीति बनाएगा।
इसके अलावा कोरोना वायरस का फैलाव और ज्यादा कमजोर हो, इसके लिए मरीजों की कांटैक्ट ट्रेसिंग अभियान पर और ज्यादा फोकस रहेगा। जबकि वायरस लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेशन पर ही ज्यादा जोर दिया जाएगा। दूसरी ओर, टेस्टिंग भी कम नहीं होगी। अक्टूबर माह में भी स्वास्थ्य महकमा रोजाना औसतन 26 हजार मरीजों की सैंपल टेस्ट कर रहा है।
यह होता है एंटीबॉडी
शरीर जब किसी वायरस से ग्रस्त होता है तो शरीर का इम्युन सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है और यह वायरस या इंफेक्शन को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। इस दौरान अलग-अलग सेल्स मिलकर वायरस को बेअसर करने में लग जाते हैं। इन्हें एंटीबॉडी कहा जाता है। ऐसा नहीं है कि ये एंटीबॉडी काम करने के बाद खत्म हो जाते है, ये कुछ समय तक शरीर में मौजूद रहती हैं ताकि अगर वायरस दोबारा आए तो उससे लड़ा जा सके।
गंभीर बीमारियों वाले नहीं संभाल पा रहे वायरस का अटैक
प्रदेश में भले ही संक्रमण की दर स्थिर है। लेकिन इससे मरने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जो मरीज पहले ही गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। वे इस वायरस का अटैक सहन नहीं पा रहे हैं। इस वक्त प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर 1.10 प्रतिशत है। जबकि मरने वालों की संख्या 1640 हो चुकी है।
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं वीबीडी डॉ. उषा गुप्ता ने बताया कि क्रोनिक बीमारी वाले मरीज इस वायरस का अटैक नहीं झेल पा रहे हैं। इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा सावधानी की जरूरत है। डेथ ऑडिट में ये बात सामने आई है कि ये वायरस उन मरीजों की गंभीर बीमारी को और बिगाड़ देता है, जिससे उनकी रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है और उनकी मौत हो जाती है।
सर्दियों में बढ़ेगी श्वसन संबंधी दिक्कतें, हावी हो सकता है वायरस
भले ही इस वक्त संक्रमण की दर कम हो रही है लेकिन स्वास्थ्य महकमे को आगामी त्योहारी और सर्दी सीजन में वायरस के फिर शिखर पर आने की आशंका भी लग रही है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमे ने फैसला किया है कि विभाग अपने प्रयास ढीले नहीं पड़ने देगा। हरियाणा स्वास्थ्य महकमे के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि ये स्वास्थ्य महकमे के प्रयास हैं, जिस वजह से इस वक्त हालात नियंत्रण में हैं। अब इस स्थिति में हम कुछ भी ढिलाई नहीं बरत सकते। त्योहारी सीजन आ रहा है और मौसम विशेषज्ञ अत्याधिक सर्दी की संभावना भी जता रहे हैं। ऐसे में ये वायरस फिर से प्रभावशाली न हो जाए, इसके लिए हमारी तैयारी जारी रहेगी।
अब जागरूकता, होम आइसोलेशन पर ज्यादा जोर देगा विभाग
हरियाणा स्वास्थ्य महकमे की निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं वीबीडी डॉ. उषा गुप्ता के अनुसार महकमे ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रदेश में कोविड-19 को लेकर जागरूकता अभियान जारी रहेगा। लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी, हाथ धोना जैसे तमाम जागरुकता की बातें विभिन्न माध्यमों से बताई जा रही है।
अब अनलॉक 5.0 में नौवीं से बारहवीं तक स्कूल व सिनेमा हॉल भी खुल गए हैं। इसे लेकर भी अलग चुनौतियों रहेंगी, इसलिए इसकी भी प्लानिंग बनाई जा रही हैं। होम आइसोलेशन पर ज्यादा फोकस है। घरों में ही लोगों को विशेष किट उपलब्ध करवाई जा रही है। डॉ. उषा ने बताया कि वायरस शिखर के दौरान रोजाना दो हजार से ज्यादा मरीज संक्रमित हो रहे थे। मगर अब पिछले करीब पंद्रह दिनों से स्थिति नियंत्रण में हैं और अब करीब 1 हजार से अधिक मरीज संक्रमित हो रहे हैं। इस वक्त नए संक्रमित मरीजों से ज्यादा पुराने मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं।