{"_id":"5f61a6538ebc3edc2e0c9c2a","slug":"haryana-cm-manohar-lal-returned-back-to-work-coronavirus","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना महामारी को मात देकर लौटे हरियाणा के सीएम मनोहर लाल काम पर डटे, लिए कई फैसले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना महामारी को मात देकर लौटे हरियाणा के सीएम मनोहर लाल काम पर डटे, लिए कई फैसले
Wed, 16 Sep 2020 11:19 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 16 Sep 2020 11:19 AM IST
विज्ञापन
बैठक लेते मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल कोरोना महामारी को मात देने के बाद एक बार फिर काम के मोर्चे पर डट गए हैं। सोमवार को ही गुरुग्राम से चंडीगढ़ लौटे सीएम ने मंगलवार को अनेक बैठकें की। उन्होंने अपने निवास पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर कई योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पिंजौर में फिल्म सिटी की योजना बनाने, अवैध खनन की निगरानी करने के लिए ड्रोन लेने, एग्री मॉल को शुरू करने जैसे कई निर्णय लिए गए।
खरीफ फसलों की खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक किसान को अपनी उपज को मंडी में लाने के लिए सुविधानुसार संभावित तिथियों को इंगित करें। उनसे यह भी पूछा जाए कि वे आढ़ती के माध्यम से या सीधे पैसा लेना चाहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को राज्यभर की मंडियों में किसानों की उपज की खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा, यह भी सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) कार्यक्रम को एचआरएमएस (मानव संसाधन सूचना प्रणाली) के साथ जोड़ा जाए। पीपीपी राज्य सरकार की एक अनूठी पहल है जिसके तहत राज्य में हर परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्रदान किया जा रहा है। पीपीपी यह सुनिश्चित करेगा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ लोगों को उनके घर द्वार पर मिले। इससे न केवल उनके कीमती समय में बचत होगी, बल्कि सेवा वितरण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
खरीफ फसलों की खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक किसान को अपनी उपज को मंडी में लाने के लिए सुविधानुसार संभावित तिथियों को इंगित करें। उनसे यह भी पूछा जाए कि वे आढ़ती के माध्यम से या सीधे पैसा लेना चाहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को राज्यभर की मंडियों में किसानों की उपज की खरीद के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा, यह भी सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) कार्यक्रम को एचआरएमएस (मानव संसाधन सूचना प्रणाली) के साथ जोड़ा जाए। पीपीपी राज्य सरकार की एक अनूठी पहल है जिसके तहत राज्य में हर परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्रदान किया जा रहा है। पीपीपी यह सुनिश्चित करेगा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ लोगों को उनके घर द्वार पर मिले। इससे न केवल उनके कीमती समय में बचत होगी, बल्कि सेवा वितरण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
विज्ञापन
संपत्ति आईडी तैयार करने के काम में लाएं तेजी
मुख्यमंत्री ने लोगों की सुविधा के लिए सभी शहरी स्थानीय निकायों में संपत्ति आईडी तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के कार्यों की भी समीक्षा की और राजस्व को और बढ़ाने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए।
मनोहर लाल ने पिंजौर में फिल्म सिटी विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त जगह है, क्योंकि शूटिंग के लिए राज्य में सैकड़ों सुंदर स्थान उपलब्ध हैं। हरियाणा फिल्म नीति में सार्वजनिक और निजी-साझेदारी से राज्य में एक फिल्म सिटी विकसित करने की बात कही गई है ताकि सिनेमा जगत से जुड़े लोग एक ही स्थान से काम कर सकें।
मनोहर लाल ने पिंजौर में फिल्म सिटी विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त जगह है, क्योंकि शूटिंग के लिए राज्य में सैकड़ों सुंदर स्थान उपलब्ध हैं। हरियाणा फिल्म नीति में सार्वजनिक और निजी-साझेदारी से राज्य में एक फिल्म सिटी विकसित करने की बात कही गई है ताकि सिनेमा जगत से जुड़े लोग एक ही स्थान से काम कर सकें।