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एक्शन में सीएम मनोहर लाल, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी और आरसी को किया सस्पेंड

Mon, 16 Dec 2019 09:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Mon, 16 Dec 2019 09:37 PM IST
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Haryana CM Manohar Lal reached at Karnal Tehsil Office
सीएम मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला

सीएम मनोहर लाल ने सोमवार को रजिस्ट्री डिलीवर न होने पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रिकॉर्ड क्लर्क और इंतकाल न करने वाले पटवारी को सस्पेंड कर दिया। सीएम टिप्पणी करते हुए बोले, रजिस्ट्री होने के साथ ही डिलीवरी होनी चाहिए। 12 दिन तक डिलीवरी और नौ दिन तक इंतकाल नहीं हुआ। यहां के तहसीलदार रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार हवासिंह, आरसी (रिकार्ड क्लर्क) राजबीर और पटवारी सलमा रानी बीमार हैं। इनको सस्पेंड करता हूं। डीसी को आदेश दिए कि इन चारों को सस्पेंड करके लाइन हाजिर करो। चाहो तो चंडीगढ़ भेजो या दूसरी जगह।

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दोपहर करीब दो बजे अचानक सीएम मनोहर लाल करनाल तहसील कार्यालय में पहुंचे। वहां मौजूद जनता से तहसील कार्यालय की कार्रवाई को लेकर बातचीत की। इस दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि उसने 9064 नंबर पर चार दिसंबर को रजिस्ट्री करवाई थी। रजिस्ट्री की अभी तक डिलीवरी नहीं हुई है। 
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इस पर सीएम ने मौके पर ही तहसीलदार से जवाब मांगा तो तहसीलदार ने ऑपरेटर से ऑनलाइन डाटा निकालने को कहा। काफी समय तक डाटा न मिलने के बाद ऑपरेटर ने रिकॉर्ड आरसी के पास बताया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीएम ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार व आरसी को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया। 

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वहीं, दूसरे मामले में एक बुजुर्ग ने शिकायत देते हुए कहा कि उसे अपनी बेटी की शादी करनी है। इसके लिए वे जमीन पर लोन लेने के खातिर इंतकाल के लिए चक्कर लगा रहा है। पिछले नौ दिन से उसको पटवारी नहीं मिल रही हैं। इस पर सीएम ने उनको बुलाने को कहा। इसके बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंचीं। इसके बाद सीएम ने पटवारी सलमा रानी को सस्पेंड करने के आदेश दिए।

जलपान का सालाना खर्च दो लाख देती है सरकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की बागडोर संभालते ही तहसीलदारों की बेगार पर रोक लगा दी गई थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी तहसीलदार को वीआईपी के आगमन के समय अपनी जेब से जलपान पर खर्च करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए प्रत्येक जिला उपायुक्त के कार्यालय के लिए दो लाख रुपये की राशि स्वीकृत करवाई गई थी, और ये आदेश अब भी जारी हैं। 

इस मौके पर उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक एसएस भौरिया, नगर निगम आयुक्त निशांत यादव, जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, मेयर रेणूबाला गुप्ता, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, पार्षद मुकेश अरोड़ा, भाजपा नेता अशोक सुखीजा, सतीश राणा, कविंद्र राणा उपस्थित रहे।

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