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Haryana Flood: हरियाणा में पहली बार 12 जिले बाढ़ से प्रभावित घोषित, अब तक 500 करोड़ रुपये का नुकसान

Wed, 19 Jul 2023 09:40 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 19 Jul 2023 09:40 PM IST
सार

बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्र में नुकसान के मुआवजा में तेजी लाने के लिए वित्तीय शक्तियां सौंपी गई हैं। सड़क ,पुल,पेयजल योजना, लघु सिंचाई योजना और बिजली आपूर्ति को हुए नुकसान के लिए मरम्मत के लिए प्रशासनिक सचिवों को प्रशासनिक शक्तियां सौंपी गई हैं।  

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Haryana government declared 12 districts as flood affected, cm manohar lal press conference
Haryana News: - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने पहली बार राज्य के 12 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है। इन जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। प्रारंभिक आकलन के हिसाब से राज्य को अब तक 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बाढ़ से अब तक 35 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। सीआईडी के मुताबिक मृतकों की संख्या 40 या 41 है। बाढ़ से राज्य के 399 प्रोजेक्टों को भी नुकसान पहुंचा है। मुआवजे के लिए राज्य सरकार ने जिला उपायुक्तों की शक्तियां बढ़ा दी हैं। इससे वह ऑन दी स्पॉट मुआवजा दे सकेंगे। यह जानकारी बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबाला, फतेहाबाद, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सोनीपत, सिरसा और यमुनानगर को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है। इसके1353 गांव व छह नगर निकाय के इलाके प्रभावित हैं। केंद्र सरकार से अब तक 281 करोड़ रुपये सहायता राशि के तौर पर मिल चुके हैं। अतिरिक्त राशि के लिए राज्य सरकार जल्द ही केंद्र से मांग करेगी।
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उन्होंने बताया कि बाढ़ से हुई मौतों पर सरकार उनके परिवारों को डिजास्टर फंड में से 4 लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवजा देगी। अगर किसी के व्यक्ति के अंगों के नुकसान पहुंचा है तो भी सरकार राहत राशि देगी। अगर दिव्यांगता 40 से 60 प्रतिशत है तो प्रति व्यक्ति 74,000 रुपये, दिव्यांगता 60 प्रतिशत से अधिक है तो प्रति व्यक्ति 2 लाख 50 हजार रुपये दिये जायेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 6629 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। उनके लिए 41 राहत शिविर लगाए गए। इन शिविरों में आज भी 1744 लोग रह रहे हैं।

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18 हजार एकड़ फसल को 100 फीसदी मुआवजा

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से मक्का, दालें, कपास, सरसों व अन्य की 18 हजार एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। इन फसलों की दोबारा से बुवाई नहीं हो सकेगी। ऐसे में इन फसलों पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से शत प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, जिन फसलों की बुवाई दोबारा की जा सकती है। उनके नुकसान का आकलन जुलाई माह के बाद किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर यह नुकसान की जानकारी किसानों द्वारा डाली जाएगी। इसके बाद टीम उसका सर्वे करेगी और जैसे-जैसे कमेटी अप्रूव करेगी, मुआवजा दिया जाएगा। यह पोर्टल खुलने की तिथि से एक महीने के लिए खुला रहेगा।

चारे के लिए 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन दिया जा रहा

पशुओं की देखभाल के लिए भी विशेष कैंप लगाए गए हैं। इन कैंपों में पानी की आपूर्ति और दवाओं सहित चारा के लिए प्रावधान किया गया है। बड़े जानवरों के लिए जहां 80 रुपये प्रतिदिन की दर से सहायता प्रदान की जा रही है, वहीं छोटे जानवरों के लिए 45 रुपये प्रति दिन की दर से सहायता प्रदान की जा रही है। पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए अब तक 50 लाख पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है।

मुआवजे में देरी न हो, इसलिए डीसी की पावर बढ़ाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होते ही राहत कार्य शुरू कर दिए गए थे। बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रारंभिक मदद के लिए जिलों में तुरंत 4.50 करोड़ की राशि जारी की गई थी। इसके बाद वित्त आयुक्त राजस्व ने उपायुक्तों को तत्काल प्रभाव से उनकी पॉवर बढ़ाई, ताकि उपायुक्त मौके पर ही आवश्यकतानुसार मदद व मुआवजा दे सकें। पहले यह पावर सिर्फ 20 हजार पास करने की थी।

996 सड़कें टूटी, 10 से एक करोड़ के कार्य एसई की कमेटी करवा सकेगी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1142 किमी लंबी 996 सड़कें प्रभावित हुईं। इनकी मरम्मत के लिए 230 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित एसई की अध्यक्षता में कमेटियां गठित की गई हैं। यह कमेटी सड़कों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के कार्य करवा सकती है। एक करोड़ रूपये से ऊपर के कार्यों को हरियाणा इंजीरियरिंग वर्क्स पोर्टल पर 7 दिनों में टेंडर आमंत्रित कर निपटाया जा सकेगा।

खनन का बाढ़ से कोई संबंध नहीं

विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और खनन का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि खनन योजना के अनुसार नदी तलों में वैध खनन से नदियों की जल ग्रहण क्षमता में वृद्धि हो सकती है और निचले इलाकों में बाढ़ को रोकने में मदद मिल सकती है, क्योंकि खनन प्रक्रिया में अतिरिक्त जमा गाद को हटा दिया जाता है। मनोहर लाल ने यह भी सुझाव दिया कि नहरों से खनन और अतिरिक्त सिल्ट को हटाया जाना चाहिए ताकि नहरों की तलहटी में उनकी जल क्षमता भी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जनवरी में हुई बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक के दौरान बाढ़ राहत कार्यों से निपटने के लिए 930 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है।
 

हिमाचल के बाढ़ राहत कोस में हरियाणा देगी पांच करोड़

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार बाढ़ राहत के लिए हिमाचल सीएम राहत कोष में पांच करोड़ रुपये की सहायता का योगदान देगी। बाढ़ से हिमाचल को काफी नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ से अंबाला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि बाढ़ से अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कुल 1354 जगहों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है। अंबाला में 315, कुरुक्षेत्र में 298 और यमुनानगर में 221 इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं।

इसलिए हरियाणा में बाढ़ आई

मुख्यमंत्री ने बताया कि 8 से 12 जुलाई के दौरान राज्य में 110 एमएम वर्षा हुई, जोकि सामान्य 28.4 एमएम का 387 प्रतिशत है। यमुनानगर में सामान्य बारिश 32.8 एमएम, कुरूक्षेत्र में 32.9 एमएम, पंचकूला में 53 एमएम और अंबाला में 58.5 एमएम होती थी, जबकि इस बार इन चारों जिलों में क्रमशः सामान्य बारिश से 842, 814, 699 व 514 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। हरियाणा के अधिकांश भागों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी अत्यधिक भारी वर्षा हुई है। इससे राज्य में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और सामान्य स्थिति बिगड़ गई। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

कहां-कितना नुकसान

  • 125 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त
  • 615 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
  • 399 प्रोजेक्टों पर पड़ा असर
  • 3369 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त
  • 1477 ट्रांसफार्मरों को नुकसान
  • 17 सरकारी पशु औषधालय व अस्पतालों को नुकसान
  • 1442 किमी सड़क को नुकसान
  • 1353 गांव प्रभावित
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