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सीएम की घोषणा- ओलंपिक में रेफरी बनने वाले कोच को मिलेंगे 15 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 20 Feb 2017 09:42 AM IST
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भीम पुरस्कार सम्मान समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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ओलंपिक खेलों में रेफरी के तौर पर हिस्सा लेने वाले हरियाणा के खेल प्रशिक्षकों को सरकार भविष्य में 15 लाख रुपये की सम्मान राशि देगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को यहां भीम पुरस्कार सम्मान समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में नौकरी देने के लिए नीति बना रही है।
प्रत्येक खिलाड़ी की अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद नौकरी पाने की इच्छा होती है, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नीति बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द खिलाड़ियों से आवेदन मांगे जाएंगे। हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए समापन अवसर पर ‘खेल महाकुंभ’ संभवत: हिसार में आयोजित किया जाएगा।
यह दो माह तक चलेगा। इस दौरान खंड स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के खेल करवाए जाएंगे। सरकार का वर्ष 2015-16 के दौरान खेलों का बजट 275 करोड़ रुपये था, वहीं इसे बढ़ाकर वर्ष 2016-17 में 401 करोड़ रुपये कर दिया गया। आगामी बजट सत्र के दौरान यह खेल बजट और अधिक बढ़ाया जाएगा।
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प्रत्येक खिलाड़ी की अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद नौकरी पाने की इच्छा होती है, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नीति बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द खिलाड़ियों से आवेदन मांगे जाएंगे। हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए समापन अवसर पर ‘खेल महाकुंभ’ संभवत: हिसार में आयोजित किया जाएगा।
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यह दो माह तक चलेगा। इस दौरान खंड स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के खेल करवाए जाएंगे। सरकार का वर्ष 2015-16 के दौरान खेलों का बजट 275 करोड़ रुपये था, वहीं इसे बढ़ाकर वर्ष 2016-17 में 401 करोड़ रुपये कर दिया गया। आगामी बजट सत्र के दौरान यह खेल बजट और अधिक बढ़ाया जाएगा।
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खेल निदेशक की बेटी-बेटे को भीम अवार्ड
भीम पुरस्कार सम्मान समारोह
- फोटो : अमर उजाला
खेल निदेशक की बेटी-बेटे को भीम अवार्ड
हरियाणा के खेल विभाग के निदेशक जगदीप सिंह के बेटे विश्वजीत श्योराण और बेटी गौरी श्योराण को शूटिंग के लिए भीम अवार्ड दिया गया है। जैसे ही दोनों भाई-बहन के लिए अवार्ड की घोषणा हुई, सबकी निगाहें उन पर टिक गईं। वहीं, साक्षी मलिक के पिता सुखबीर व माता सुदेश मलिक ने बेटी केस्थान पर पुरस्कार ग्रहण किया।
जाति, धर्म, अमीरी-गरीबी तोड़ रहे समाज : सोलंकी
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हरियाणा खेलों के क्षेत्र में सोने की तरह चमक रहा है। खेल एक ऐसी विधा, संस्कार और कला है जो समाज से दुर्भावनाओं को समाप्त करती है। अगर 21वीं सदी में गरीबी, जात-पात के भेदभाव को मिटाना है तो यह खेल के माध्यम से संभव है। यह समाज को तोड़ रहे हैं, जो शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल की कल्पनाशील विचारों और योजनाओं के लिए खूब पीठ थपथपाई। वहीं, खंडेलवाल ने भी धन्यवाद प्रस्ताव में राज्यपाल और खेल मंत्री के कसीदे कढ़े। उन्होंने अनिल विज को धुआंधार मंत्री बताया।
हरियाणा के खेल विभाग के निदेशक जगदीप सिंह के बेटे विश्वजीत श्योराण और बेटी गौरी श्योराण को शूटिंग के लिए भीम अवार्ड दिया गया है। जैसे ही दोनों भाई-बहन के लिए अवार्ड की घोषणा हुई, सबकी निगाहें उन पर टिक गईं। वहीं, साक्षी मलिक के पिता सुखबीर व माता सुदेश मलिक ने बेटी केस्थान पर पुरस्कार ग्रहण किया।
जाति, धर्म, अमीरी-गरीबी तोड़ रहे समाज : सोलंकी
राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हरियाणा खेलों के क्षेत्र में सोने की तरह चमक रहा है। खेल एक ऐसी विधा, संस्कार और कला है जो समाज से दुर्भावनाओं को समाप्त करती है। अगर 21वीं सदी में गरीबी, जात-पात के भेदभाव को मिटाना है तो यह खेल के माध्यम से संभव है। यह समाज को तोड़ रहे हैं, जो शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल की कल्पनाशील विचारों और योजनाओं के लिए खूब पीठ थपथपाई। वहीं, खंडेलवाल ने भी धन्यवाद प्रस्ताव में राज्यपाल और खेल मंत्री के कसीदे कढ़े। उन्होंने अनिल विज को धुआंधार मंत्री बताया।
विज के अलावा दो मंत्री ही हुए शामिल
हरियाणा के 42 खिलाड़ियों को भीम अवार्ड
- फोटो : अमर उजाला
कैच देम यंग से जीतेंगे ओलंपिक में पदक
खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि खेल के क्षेत्र में हरियाणा का नाम विश्व मानचित्र पर छाया हुआ है। सरकार ने पिछले साल करीब 100 करोड़ रुपये की राशि के पुरस्कार खिलाड़ियों को वितरित कर प्रोत्साहित किया। खिलाड़ियों को बचपन से ही तैयार करने के लिए गांव स्तर पर खेल नर्सरियां व व्यायामशालाएं खोल रही है। ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ी आने वाले समय में कैच देम यंग पॉलिसी के तहत पदक लाएंगे। उन्हें युवा अवस्था से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुल 43 खिलाड़ियों को पुरस्कार मिलने थे, लेकिन एक खिलाड़ी का सत्यापन संदेह के दायरे में पाया गया। अवार्ड की चयन प्रक्रिया फुलप्रूफ है। खिलाड़ियों के चयन अंक वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे, इन्हें कोई भी देख सकता है। इससे आपत्ति का मौका नहीं मिलेगा।
विज के अलावा दो मंत्री ही हुए शामिल
खेल मंत्री विज के अलावा समारोह में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ही उपस्थित रहे।
खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि खेल के क्षेत्र में हरियाणा का नाम विश्व मानचित्र पर छाया हुआ है। सरकार ने पिछले साल करीब 100 करोड़ रुपये की राशि के पुरस्कार खिलाड़ियों को वितरित कर प्रोत्साहित किया। खिलाड़ियों को बचपन से ही तैयार करने के लिए गांव स्तर पर खेल नर्सरियां व व्यायामशालाएं खोल रही है। ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ी आने वाले समय में कैच देम यंग पॉलिसी के तहत पदक लाएंगे। उन्हें युवा अवस्था से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुल 43 खिलाड़ियों को पुरस्कार मिलने थे, लेकिन एक खिलाड़ी का सत्यापन संदेह के दायरे में पाया गया। अवार्ड की चयन प्रक्रिया फुलप्रूफ है। खिलाड़ियों के चयन अंक वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे, इन्हें कोई भी देख सकता है। इससे आपत्ति का मौका नहीं मिलेगा।
विज के अलावा दो मंत्री ही हुए शामिल
खेल मंत्री विज के अलावा समारोह में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ही उपस्थित रहे।