हरियाणा : नहरी पानी को खेत तक पहुंचाएगी सरकार, बागवानी बीमा योजना की घोषणा
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सुशासन दिवस पर सरकार ने किसान से लेकर आम आदमी तक के हकों को सुरक्षित करने का दावा किया है। यहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म सिंचाई से हर खेत में पानी योजना की घोषणा की है। इसके तहत किसानों को उनके खेत पर ही नहरी पानी आधारित और सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) द्वारा उपचारित पानी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से उपलब्ध होगा।
इसकी शुरुआत पहली जनवरी 2021 से पायलट परियोजना के आधार पर होगी। नौ सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) तथा महेन्द्रगढ़ (नारनौल), चरखी दादरी, भिवानी और फतेहाबाद जिलों की नहरों को चयनित किया गया है। परियोजना के पहले चरण में लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं हरियाणा लोक सेवा आयोग में आवेदन के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की। इसके तहत सरकारी पदों के लिए आवेदन करने वालों को 1 जनवरी 2021 से अलग पद के लिए अलग भुगतान नहीं करना होगा। आवेदक को एक बार पंजीकरण करना होगा और तीन साल में एक बार ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, तीन साल बाद, यदि कोई आवेदक सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा देना चाहता है तो उसे नए सिरे से पंजीकरण करना होगा।
सीएम ने की बागवानी बीमा योजना की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बागवानी फसलों के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की घोषणा की। इसके तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। योजना के तहत 20 फसलें शामिल की गई हैं, जिनमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्तागोभी, मूली), 2 मसाले (हल्दी, लहसुन) और 4 फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद) हैं । योजना के तहत फसलों की आश्वसत राशि 30,000 रुपये प्रति एकड़ सब्जियों व मसालों और फलों के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ होगी। इसमें किसान का योगदान केवल 2.5 प्रतिशत होगा।
विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण
मुख्यमंत्री ने हरियाणा जमा धन प्रत्याभूति योजना की घोषणा की। इस निधि का उपयोग हरियाणा राज्य में चिकित्सा एवं तकनीकी कोर्स सहित उच्चत्तर शिक्षा में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा ताकि वे चिंता मुक्त होकर अपनी फीस का भुगतान कर सकें। विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण 7.5 प्रतिशत दर पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
किसी भी तहसील में संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण की सुविधा
मनोहर लाल ने किसी भी तहसील में संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण की सुविधा की भी शुरुआत की। यह 1 अप्रैल 2021 से शुरू होगी। इससे एक तहसील में अवस्थित संपत्ति का पंजीकरण जिला में स्थित किसी अन्य तहसील में भी किया जा सकेगा।
भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्य में अधिक पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक नए ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन किया। 1 जनवरी, 2021 से सभी भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) ऑनलाइन दिए जाएंगे। नागरिक को कार्यालयों से संपर्क नहीं करना होगा और यदि 30 दिनों के भीतर विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन पर किसी प्रकार का रिस्पॉन्स नहीं मिल पाता तो उस स्थिति में 30 दिनों के बाद सीएलयू की डीम्ड स्वीकृति मानी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब सरकारी कर्मचारियों को डीम्ड सुनिश्चित करियर प्रगति (डीम्ड एसीपी) प्रदान किया जाएगा। अब एचआरएमएस पोर्टल में ऐसी व्यवस्था की जा रही है। कर्मचारी को नियमों के अनुसार जो एसीपी पे स्केल मिलना है, यदि उस पर देय तिथि के तीन महीने के अंदर-अंदर कोई निर्णय नहीं लिया जाता तो डीम्ड ग्रांट ऑफ एसीपी पे स्केल के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
गांवों के 5437 लाभार्थियों को स्वत्व विलेख वितरित
मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट अभिभाषण में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के नि:शुल्क पासपोर्ट बनाने की योजना के तहत आज पांच विद्यार्थियों को पासपोर्ट वितरित किए। इस योजना का उद्देश्य भारत से बाहर के विश्वविद्यालयों में शिक्षा तथा विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के बारे जागरूक करना है। स्वामित्व योजना के तहत, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से गांवों के 5437 लाभार्थियों को स्वत्व विलेख (टाइटल डीड) वितरित की। पांच जिलों के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उन्हें मालिकाना हक देने के लिए आभार व्यक्त किया।
जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस का उद्घाटन
सुशासन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस का उद्घाटन किया। इससे अब जिला उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और एसडीएम कार्यालय में फाइलों का कार्य पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत प्रदेश के 202 और गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने की घोषणा की। इससे अब इस योजना के तहत 24 घंटे बिजली पाने वाले गांवों की संख्या 5080 हो जाएगी।
परिवार पहचान पत्र से खत्म होगा भ्रष्टाचार
सीएम ने कहा परिवार पहचान पत्र लागू होने के बाद भ्रष्टाचार खत्म होगा। सरकारी कार्यालयों को ई-ऑफिस किए जाने के बाद काम में पारदर्शिता आएगी। कौन कर्मचारी कितना काम करता है वह इसके माध्यम से ट्रैक होगा। 30 दिसंबर को राष्ट्रपति सरल केंद्र योजना के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार हरियाणा को देंगे।