फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab CM Mann replied to Gadkari's letter on NHAI projects

Punjab: NHAI की परियोजनाओं पर सीएम मान का केंद्र को स्पष्टीकरण, गडकरी के पत्र का दिया जवाब

Tue, 13 Aug 2024 09:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 13 Aug 2024 09:41 PM IST
सार

सीएम ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पत्र का जवाब दिया और लिखा कि उचित मुआवजा न देने के कारण भूमि अधिग्रहण के केस लंबित है। मारपीट के दोनों केसों का कारण ठेकेदार को बताया गया।

विज्ञापन
Punjab CM Mann replied to Gadkari's letter on NHAI projects
भगवंत मान ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) की लंबित परियोजनाओं को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पत्र का जवाब दिया है। सीएम मान ने कहा है कि पंजाब सरकार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करेगी और वह खुद निजी तौर पर इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

विज्ञापन


उचित मुआवजा न देने के कारण भूमि अधिग्रहण के केस लंबित हैं, जिस कारण एनएचएआई की परियोजनाओं में देरी हो रही है। इसी तरह एनएचएआई अधिकारियों व ठेकेदारों के साथ मारपीट के दोनों मामले पर सीएम मान ने लिखा है कि इन दोनों केसों का कारण ठेकेदार खुद हैं।
विज्ञापन


मान ने पत्र में लिखा कि दोनों केसों में गिरफ्तारी हुई है, लेकिन जांच के बाद ये सामने आया कि इसके पीछे का कारण एनएचएआई के ठेकेदार ही थे। पहले केस में ठेकेदार की तरफ से भूमि पर तय सीमा से अधिक खुदाई कर दी थी, जबकि दूसरी घटना ठेकेदार द्वारा सब कांट्रेक्टर को आगे पेमेंट न देने के कारण हुई। बावजूद इसके कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को पेट्रोलिंग टीमें तैनात करने के लिए बोला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मान ने लिखा कि प्रदेश में जमीन ही किसानों की आय का एक मात्र स्रोत है। अगर उनको उचित मुआवजा नहीं मिलता है तो वह अपनी जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं होते हैं। ऐसे कई मामले हैं, जिसमें किसान मध्यस्त की तरफ से जारी उचित मुआवजे के आदेशों पर जमीन देने के लिए तैयार हुए हैं।

हालांकि एनएचएआई ने फैसलों को चुनौती देने का फैसला किया और मुआवजा राशि तय करने में देरी की। इसी तरह कई मामलों में एनएचएआई को भूमि दे दी गई, लेकिन उन्होंंने काम शुरू करने में देरी की। इस बीच किसानों ने वापिस उस जमीन पर खेती करना शुरू कर दिया।


अगर एक बार राज्य सरकार ने एनएचएआई को भूमि दे दी तो फिर अथॉरिटी की ही उस भूमि पर कब्जे रखने की जिम्मेदारी बनती है। मान ने कहा कि मुख्य सचिव भी नियमित रूप से एनएचएआई अधिकारियों को पेश आ रही बाधाओं को लेकर सभी डीसी के साथ बैठकें कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed