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हरियाणा में गोवंश और गोसंवर्धन कानून हुआ सख्त, अब सब-इंस्पेक्टर को मिला ये अधिकार

Wed, 26 Jun 2019 01:45 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Jun 2019 01:45 AM IST
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Haryana cabinet taken decisions  for stop beef smuggling
हरियाणा कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला

चुनावी मोड में चल रही मनोहर लाल सरकार ने हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन कानून को और कड़ा कर दिया है। प्रदेश में अब पुलिस भी बीफ पकड़ सकेगी। सरकार ने सब इंस्पेक्टर और उससे ऊपर के सभी अफसरों को बीफ पकड़ने की शक्तियां दे दी हैं। जल्दी इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। अभी तक यह शक्तियां केवल एसडीएम के पास थीं। 

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यह निर्णय मंगलवार को यहां सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। मंत्रिमंडल ने हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन अधिनियम, 2015 को और अधिक सख्त एवं व्यावहारिक बनाने के लिए संशोधनों को मंजूरी प्रदान कर दी है। 
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नए विधेयक को हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन (संशोधन) विधेयक, 2019 कहा जाएगा। नए कानून में गोमांस शब्द की जगह बीफ का इस्तेमाल किया गया है। गोमांस के साथ बीफ को भी अब प्रदेश में जब्त किया जाएगा। पुलिस के अलावा सरकार की ओर से अधिकृत कोई भी व्यक्ति बीफ पकड़ सकेगा।

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पुलिस या अधिकृत व्यक्ति ऐसे करेंगे काम

. बीफ या गो तस्करी होने के संदेह में किसी भी वाहन में प्रवेश कर सकेंगे। रोक सकेंगे। जांच कर सकेंगे।
. गाय या बीफ पाए जाने की स्थिति में वाहन को जब्त करेंगे।
. अदालत में जब्त गाय या बीफ को सुरक्षित रूप से प्रस्तुत करेंगे। इनकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
. किसी भी ऐसे परिसर में प्रवेश या जांच कर सकेंगे। जिनका गो वध के लिए इस्तेमाल हो रहा है या होने की संभावना है।
. गाय या बीफ जब्त करने के साथ-साथ मौके से गो वध और बीफ निर्यात से संबंधित गतिविधियों के संबंध में इस्तेमाल किए या इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण एवं दस्तावेज इत्यादि साक्ष्य एकत्रित करेंगे।
. तलाशी या जब्ती के लिए, आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 100 के प्रावधान लागू होंगे।
. किसी भी वाहन को जब्त करने व व्यक्ति को पकड़ने की सूचना बिना किसी देरी के सक्षम अधिकारी को देनी होगी। सक्षम अधिकारी संतुष्ट होने पर अधिनियम के तहत अपराध के लिए इस्तेमाल वाहन को जब्त करने का आदेश देगा। वाहन मालिक वाहन जब्त करने से पहले सुनवाई का उचित अवसर दिया जाएगा।

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