Haryana Cabinet: शामलात जमीन के पट्टेदारों को मिलेगा मालिकाना हक, मातृभाषा सत्याग्रहियों की पेंशन बढ़ी
हरियाणा सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मोहर लगाई है। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण गुरुग्राम व पंचकूला ने रियल एस्टेट एजेंटों से लिया जाने वाले पंजीकरण शुल्क में इजाफा किया है। वहीं हिसार के गांव ढंढूर, पीरांवाली, झिरी (चिकनवास) और बाबरान (बस्ती और डिग्गी ताल) में रहने वालों को आवासीय भूमि या भूखंडों का मालिकाना देने वाली नीति को भी मंजूरी दी गई है।
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा मंत्रिमंडल ने कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें सबसे बड़ा फैसला शामलात भूमि को लेकर है। इसके तहत पूर्वी पंजाब भूमि उपयोग अधिनियम 1949 के तहत जिन लोगों ने शामलात भूमि को 20 साल के लिए पट्टे पर लिया था, सरकार ने उन्हें मालिकाना हक देने का फैसला लिया है। हालांकि इसके लिए शर्त भी रखी है। इसके मुताबिक उन्हें ग्राम पंचायत को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। यह राशि सरकार बाद में निर्धारित करेगी। इस दायरे में वे लोग ही आएंगे जिन्होंने 31 मार्च 2004 तक खुली जगह समेत 500 वर्ग तक बाजार शुल्क से कम पर घरों निर्माण किया होगा।
मनोहर सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों लोगों को फायदा होगा। यह मांग काफी पुरानी थी। शामलात देह भूमि पर बसे लोगों की सबसे ज्यादा संख्या कुरुक्षेत्र के पिहोवा और कैथल के गुहला चीका में है। वहीं, मंत्रिमंडल ने हिंदी आंदोलन-1957 के मातृभाषा के सत्याग्रहियों व शुभ्र ज्योत्सना योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने को स्वीकृति दी है।
राज्य में मातृभाषा के सत्याग्रहियों की संख्या करीब 200 है। वहीं, शुभ्र ज्योत्सना योजना के लाभार्थियों की संख्या करीब 500 है। दोनों योजनाओं के तहत बढ़ी हुई मासिक पेंशन तुरंत प्रभाव से लागू होगी।
रियल एस्टेट एजेंटों का पंजीकरण शुल्क हुआ दोगुना
हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण गुरुग्राम व पंचकूला की ओर से रियल एस्टेट एजेंटों से लिया जाने वाला पंजीकरण शुल्क 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और नवीनीकरण शुल्क पांच हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने को मंजूरी दी गई। वहीं, एकल व स्वामित्व के अलावा अन्य फर्मों का पंजीकरण शुल्क ढाई लाख रुपये और नवीनीकरण शुल्क 50 हजार रुपये करने का फैसला किया।
हिसार के चार गांवों में मिलेगा मालिकाना हक, कमेटी करेगी आवेदनों की जांच
मंत्रिमंडल की बैठक में हिसार के गांव ढंढूर, पीरांवाली, झिरी (चिकनवास) और बाबरान (बस्ती और डिग्गी ताल) में रहने वालों को आवासीय भूमि या भूखंडों का मालिकाना देने वाली नीति बनाने को मंजूरी दे दी गई। इस नीति के तहत 31 मार्च 2023 तक राजकीय पशुधन फार्म की 1873 कनाल 19 मरला भूमि पर निर्मित आवास वाले लोगों स्वामित्व अधिकार मिलेगा।
इन चार गांवों में 31 मार्च 2023 तक निर्मित आवास वाले भूखंड, संपत्ति के सभी कब्जाधारी और जिनके नाम जिला प्रशासन हिसार के ड्रोन-इमेजिंग सर्वेक्षण में दिखाई देते हैं, वे ही आवंटन के लिए पात्र होंगे। लाभार्थियों के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आनिवार्य होगा। हिसार के अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति आवेदनों की जांच करेगी।
मालिकाना हक के लिए देना होगा शुल्क
| जमीन | शुल्क |
| 250 वर्ग गज तक | दो हजार रुपये प्रति वर्ग गज |
| 251 वर्ग गज से लेकर एक कनाल तक | तीन हजार रुपये प्रति वर्ग गज |
| एक कनाल से अधिक व चार कनाल तक | चार हजार रुपये प्रति वर्ग गज |
| चार कनाल से बड़े प्लॉट | दावे स्वीकार नहीं होंगे |
स्टेज कैरिज योजना में संशोधन, रूट की संख्या 265 से बढ़ाकर 362 की
सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने के मकसद से 2016 की स्टेज कैरिज योजना में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधन के अनुसार, रूटों की संख्या 265 से बढ़कर 362 कर दी गई है। इसमें अब निजी ऑपरेटरों की बसें जाएंगी। इसके अलावा राज्य परिवहन उपक्रमों और निजी ऑपरेटरों दोनों के हितों को 50:50 के अनुपात में संतुलित करते हुए, प्रति रूट परमिट की संख्या निर्धारित कर दी गई है। इसमें संबंधित जिलों के मौजूदा परमिट धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकतम सीमा से अधिक आवेदन आने पर ड्रॉ के जरिये परमिट दिए जाएंगे।
यूएचबीवीएन के लिए 500 करोड़ की गारंटी को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएन) के 500 करोड़ रुपये के स्वीकृत ऋण के पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के पक्ष में 500 करोड़ रुपये की गारंटी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
अंबेडकर समिति व सेवा भारती को मिली जमीन
बैठक में हिसार के गांव सातरोड खुर्द में 2998.20 वर्ग मीटर भूमि भगवान वाल्मीकि आंबडेकर शिक्षा समिति को धर्मशाला व छात्रावास के निर्माण के लिए देने की मंजूरी दी। इस प्रस्तावित भूमि की कुल कीमत 80,90,885 रुपये है। बैठक में महेंद्रगढ़ स्थित नगर पालिका कनीना की 209 वर्ग मीटर भूमि को सेवा भारती संस्था को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई।