हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक आज: बजट सत्र पर लगेगी मुहर, कृषि-सिंचाई, स्वास्थ्य और परिवहन पर केंद्रित होगा बजट
मंगलवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक होगी। बैठक में बजट सत्र पर मंत्रिमंडल अपनी मुहर लगाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस बार बजट सत्र 25 फरवरी से शुरू हो सकता है।
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हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में सिविल सचिवालय में होगी। इस महीने शुरू होने वाले बजट सत्र पर मंत्रिमंडल अपनी मुहर लगाएगा और विधायी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत करेगा। बजट सत्र की अवधि और बजट पेश किए जाने की तारीख कार्य सलाहकार समिति की बैठक में तय होगी। मंत्रिमंडल बैठक में अनेक विभागों के अहम एजेंडा लाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बजट सत्र को लेकर मंगलवार को निर्णय लिया जाएगा। सर्वसम्मति से सत्र शुरू करने की तारीख तय करेंगे। सूत्रों के अनुसार बजट सत्र 25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हो सकता है।
हरियाणा का बजट किसानों, कृषि, पशुपालन, मछली पालन, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को इन विभागों पर विशेष ध्यान देते हुए कल्याणकारी योजनाएं बनाने का निर्देश दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक की।
चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी में आयोजित बैठक में मनोहर लाल ने मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों से उनके विभागों से संबंधित सुझाव लिए और उनको बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी से किसी भी योजना को रुकने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश का चहुमुखी विकास उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है। नई योजनाओं को आम आदमी के लिए बाधा रहित व बेहतर तकनीक पर आधारित बनाया जाना चाहिए। इससे ईज ऑफ लिविंग की अवधारणा चरितार्थ हो सकेगी।
मनोहर लाल ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा लोकतांत्रिक बजट बनाना है जिससे प्रदेश में सबकी भागीदारी से सर्वांगीण विकास हो। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ-साथ अन्य मंत्रियों व मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद समेत अन्य प्रशासनिक सचिवों ने बजट पर सुझाव दिए हैं। सांसदों और विधायकों के लिखित सुझावों में से उपयोगी को बजट में शामिल करेंगे।
तीन साल पहले किया नया प्रयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 वर्ष पहले एक नया प्रयोग किया, इसके तहत सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों व अन्य हित धारकों से बातचीत कर आम बजट तैयार करने की परंपरा शुरू की। पिछले 2 वर्ष में कोरोना महामारी की वजह से प्रत्यक्ष रूप से बैठक कर बजट पर सुझाव तो नहीं लिए जा सके। लिखित सुझावों को आम बजट में शामिल किया गया। सोमवार को बजट पूर्व परामर्श के तौर पर आयोजित बैठक में सामने आए सुझावों को बजट 2022-23 में शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
पंचायत व शहरी निकाय विभाग अलग से लें सुझाव
मुख्यमंत्री ने पंचायत व शहरी स्थानीय निकाय विभाग को अलग से अपने हित धारकों की बैठक बुलाकर बजट पूर्व परामर्श कर बेहतर सुझाव देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में पिछले वर्ष पेश किए गए आम बजट की विभाग अनुसार समीक्षा की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल, सहकारिता मंत्री डॉक्टर बनवारी लाल, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता, विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा, श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक मौजूद रहे।